हाफ़िज़ सईद नज़रबंद: JuD-धार्मिक दलों की पाकिस्तान सरकार को धमकी, तुरंत रिहा नहीं किया तो आंदोलन होगा

जमात-उद-दावा और पाकिस्तान की दीगर धार्मिक पार्टियों ने बुधवार (1 फरवरी) को सरकार को धमकी दी कि अगर जमात के मुखिया हाफिज सईद को तुरंत रिहा नहीं किया जाता तो वे राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ेंगी। संघीय गृहमंत्रालय के निर्देश के अनुरूप पंजाब प्रांत के गृहविभाग से हिरासत के आदेश के बाद सईद और उसके चार सहयोगियों को सोमवार (30 जनवरी) को नजरबंद कर दिया गया। जमात-उद-दावा और दिफाई काउंसिल ऑफ पाकिस्तान ने कहा है कि अगर इन गिरफ्तारियों के नतीजे में ‘कश्मीर आंदोलन’ में कोई अड़ंगा लगा तो इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तानी हुक्मरान की होगी। दिफाई (सुरक्षा) काउंसिल 40 से ज्यादा पाकिस्तानी राजनीतिक एवं धार्मिक पार्टियों का गठबंधन है। इन संगठनों ने सईद के निर्देश पर कश्मीरियों के मुद्दों को बुलंद करने के लिए पांच फरवरी को एक देशव्यापी रैली करने का वादा किया। काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना समीउल हक ने दावा किया कि भारत को खुश करने के लिए सईद को नजरबंद किया गया है।

इससे पहले बुधवार (1 फरवरी) को पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस मामले में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड के खिलाफ मामला दर्ज होगा। वाणिज्य मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने कहा, ‘सारे हालात को ध्यान में रखते हुए सईद के खिलाफ कदम उठाया गया है। सरकार ने फिलहाल सईद को नजरबंद किया है, पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।’ यह पूछे जाने पर किस मामले में सईद के खिलाफ मामला दर्ज होगा तो दस्तगीर ने कहा, ‘कुछ दिनों में इस बारे में पता चल जाएगा।’ पंजाब प्रांत के कानून मंत्री राना सनाउल्ला ने कहा कि आने वाले दिनों में जमात-उद-दावा (जेयूडी) एवं फलाह-ए-इंसानियत (एफआईएफ) के और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हम जेयूडी एवं एफआईएफ के संदिग्ध कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं तथा आतंकवाद विरोधी कार्यकर्ताओं के तहत और लोगों को हिरासत में लिया जाएगा।’

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