‘बर्निंग प्लेन’ में जिंदा जल गए 50 लोग, दर्दनाक मंजर देखकर कांप उठे लोग

बांग्लादेश और नेपाल के 67 मुसाफिरों समेत कुल 71 लोगों को लेकर बंग्लादेश की एक प्राइवेट एयरलाइंस ढाका से काठमांडू के लिए उड़ान भरती है. करीब दो घंटे की उड़ान के दौरान हवा में सब कुछ ठीक था. मौसम भी साफ और विमान में कोई तकनीकी गड़बड़ी भी नहीं. इसके बाद विमान ज़मीन पर उतरता है. मगर विमान के ज़मीन छूते ही अचानक पूरा प्लेन आग के गोले में बदल जाता है.

ढाका से भरी थी उड़ान

12 मार्च 2018 का दिन था. दोपहर के 12 बज कर 52 मिनट हो चुके थे. बांग्लादेश की प्राइवेट US-बांग्ला एयरलाइंस की उड़ान संख्या बीएस 211 अपने तय वक्त से 22 मिनट देरी से ढाका के हज़रत शाह जलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से से नेपाल की राजधानी काठमांडू के लिए उड़ान भरी. विमान में 67 मुसाफिर और 4 क्रू मेंबर्स समेत कुल 71 लोग मौजूद थे. काठमांडू तक की दूरी करीब दो घंटे में पूरी होनी थी.

विमान का बैलंस बिगड़ा

12 मार्च 2018, सोमवार की दोपहर 2 बजकर 20 मिनट हो चुके थे. काठमांडू, नेपाल का त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट. लगभग तय वक्त पर विमान नेपाल की सीमा में दाखिल हो चुका था. इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से सिग्नल मिलते ही विमान त्रिभुवन एयरपोर्ट के ऊपर मंडराने लगता है. पायलट ने लैंडिग की तैयारी पूरी कर ली थी. अब तक सब कुछ ठीक-ठाक था. मगर तभी जैसे ही विमान रनवे को छूता है, विमान का बैलेंस अचानक बिगड़ा जाता है. विमान का अगला हिस्सा रनवे से टकरा जाता है. इससे अचानक प्लेन में आग लग जाती है.

टक्कर के बाद विमान में लगी आग

बैलंस बिगड़ जाने की वजह से पायलट का अब विमान पर कोई कंट्रोल नहीं था और विमान तेजी से रनवे छोड़ता हुआ आगे निकल गया और एयरपोर्ट से सटे फुटबॉल ग्राउंड की दीवार से जा टकराया. विमान अब लगभग आग के गोले में तब्दील हो चुका था. चारों तरफ आग की लपटें और काले धुएं का गुबार छा जाता है. रनवे के नज़दीक चारों तरफ विमान का मलबा बिखरा पड़ा था. विमान में लगी इस आग की वजह से अंदर मौजूद कई मुसाफिर देखते ही देखते जल गए. 20 मुसाफिरों की तो मौके पर ही मौत हो गई. जबकि कई बुरी तरह झुलस गए.

हर तरफ मौत का मंजर

 

इसके बाद शुरू हुई आग के शोले छोड़ रहे विमान से घायलों को निकालने की जद्दोजहद. आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी थीं. घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी तैयार थी. शुरूआती कोशिश में जिन 37 लोगों को जलते विमान से बाहर निकाला गया उनमें 20 की मौत हो चुकी थी. जबकि बुरी तरह झुलस चुके बाकी 17 लोगों को काठमांडू के मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया.

मरने वालों की संख्या की पुष्टि नहीं

मौके पर एयरपोर्ट के नज़दीक रहने वाले लोग जहां एक तरफ आग के शोले उगल रहे इस विमान की तस्वीरें बना रहे थे वहीं दूसरी तरफ फायर फाइटरों की तमाम कोशिशें इस बात के लिए थी कि जितनी जल्दी हो सके विमान में मौजूद यात्रियों को बाहर निकाला जा सके. आग तो बुझा ली गई मगर एक तरफ जहां हादसे में 20 लोगों के मारे जाने की ख़बर आई वहीं नेपाली न्यूज़ पोर्टल माई रिपब्लिका के मुताबिक हादसे में करीब 50 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लिहाज़ा मरने वालों की सही तादाद का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है.

उत्तरी तरफ से लैंड किया विमान

प्लेन के मलबे से ब्लैक बॉक्स रिकवर कर लिया गया है. हादसे की जांच शुरू हो चुकी है. काठमांडू पोस्ट ने सिविल ऐविएशन अथॉरिटी ऑफ नेपाल के डॉयरेक्टर जनरल संजीव गौतम के हवाले से बताया कि विमान को रनवे के दक्षिणी तरफ से लैंड करने की इजाज़त दी गई थी मगर विमान उत्तरी तरफ से लैंड करने लगा. और रनवे पर लैंड करते वक्त प्लेन का संतुलन बिगड़ गया.

मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल

क्रैश के बाद त्रिभुवन एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है. विमानों को डायवर्ट कर किया गया है. फ्लाइट रडार 24 के मुताबिक क्रैश हुआ विमान बांग्लादेश की प्राइवेट एयरलाइंस का 17 साल पुराना विमान था. एयरपोर्ट प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि विमान में 37 पुरुष, 27 महिलाएं और 2 बच्चे भी सवार थे. इसके अलावा प्लेन में 4 क्रू मेंबर मौजूद थे. राहत और बचाव के काम में सेना भी जुटी है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री राम बहादुर थापा हादसे के कुछ देर बाद ही हालात का जायज़ा लेने त्रिभुवन एयरपोर्ट पर पहुचे. और पीड़ितों की हर मुमकिन मदद का भरोसा दिलाया है.

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