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जेल में नवाज से नहीं मिल सका परिवार, घर का खाना खाने की छूट

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अपनी बेटी मरियम नवाज और दामाद सफदर के साथ रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं. 13 जुलाई की रात से पूरा परिवार इस जेल की चारदीवारी में कैद है और सोमवार तक उन्हें यहीं रहना पड़ेगा. दरअसल, सोमवार को ही उनकी जमानत याचिका दायर की जाएगी.

शनिवार का दिन नवाज शरीफ परिवार के लिए थोड़ा सख्त रहा. उन्हें जेल में परिवार या स्टाफ के किसी भी सदस्य से मिलने नहीं दिया गया. हालांकि, भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी ठहराये गए नवाज शरीफ और उनके परिवार को ‘बी’ कैटीगरी की सुविधा मुहैया कराई जा रही हैं. लेकिन मुलाकात के लिए गुरुवार और शुक्रवार का दिन मुकर्रर होने के चलते शनिवार को जेल प्रशासन ने किसी भी सदस्य को नवाज शरीफ और उनकी बेटी से मिलने नहीं दिया.

घर से आया खाना और कपड़े

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के चीफ नवाज शरीफ को घर से पका हुआ खाना और कपड़े मंगाने की इजाजत दी गई है. जिसके तहत शनिवार को उनका स्टाफ खाना और कपड़ा लेकर जेल पहुंचा था. नवाज शरीफ के रिश्तेदारों और स्टाफ मेंबर्स ने उनसे मिलने की कोशिश की लेकिन जेल प्रशासन इनकार कर दिया और कपड़ा व खाना लेकर नवाज शरीफ तक पहुंचाया.

एक ही कंपाउंड में परिवार

 

नवाज शरीफ, मरियम नवाज शरीफ और रिटायर्ड कैप्टन सफदर को अदियाला जेल के एक ही कंपाउंड में रखा गया है. परिवार के तीनों सदस्य जेल कंपाउंड के तीन अलग-अलग कमरों में बंद हैं. हालांकि, उन्हें एक-दूसरे से मिलने की इजाजत दी गई है.

बता दें कि पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने पनामा पेपर्स कांड से जुड़े भ्रष्टाचार के केस में 6 जुलाई को नवाज शरीफ को 10 साल जेल की सजा सुनाई थी. जबकि उनकी बेटी मरियम नवाज को 7 साल कैद और दामाद कैप्टन (पूर्व) सफदर को एक साल की सजा सुनाई है.  कोर्ट ने नवाज पर 80 लाख पाउंड (करीब 73 करोड़ रुपये) और और मरियम पर 20 लाख पाउंड (18.2 करोड़ रुपये) का जुर्माना भी लगाया है.

अब नवाज शरीफ के वकील ख्वाजा हारिस सोमवार को कोर्ट में जमानत याचिका दायर करेंगे. जिसके बाद देखना होगा कि 25 जुलाई को पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव से पहले नवाज शरीफ परिवार को राहत मिलती है या उन्हें आगे भी जेल में वक्त बिताना पड़ेगा.