श्रीलंका ने सरकार के खिलाफ जनसंहार के आरोपों के लिए तमिल समुदाय को दोषी बताया

कोलंबो, 15 मई : श्रीलंका ने लिट्टे के लिए हमदर्दी रखने वाले तमिल समुदाय पर आरोप लगाया है कि वह सरकर के खिलाफ नरसंहार के आरोपों का समर्थन कर रहा है। गौरतलब है कि देश में तीन दशक लंबे गृहयुद्ध की समाप्ति की आठवीं सालगिरह मनाने की तैयारियां चल रही हैं।

तमिलों ने 12 मई को एक सप्ताह लंबी श्रद्धांजलि सभा की शुरूआत की, यह तमिलों के नरसंहार से जुड़ी है।

उत्तरी प्रांतीय परिषद् के सदस्यों ने देश के उत्तरी भाग में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया और दिये जलाकर गृहयुद्ध पीड़ितों को याद किया।

उत्तरी प्रांतीय पाषर्द और कट्टरपंथी तमिल प्रतिनिधि एमके शिवाजीलिंगम ने कहा, ‘‘हमने 2009 में नरसंहार में मारे गये 1,00,000 तमिलों को याद किया।’’ हमने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि नरसंहार की अंतरराष्ट्रीय जांच हो।’’ इस बीच रक्षा उपमंत्री रूवान विजेवर्दने ने नरसंहार के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें लिट्टे के प्रति हमदर्दी रखने वाले समुदाय की ओर से शिवाजीलिंगम द्वारा लगाया गया आरोप बताया।

मंत्री ने कहा कि वह फर्जी प्रोपकगैंडा चलाने के लिए समुदाय का समर्थन चाहते हैं। सेना ने तमिलों का कोई नरसंहार नहीं किया है।

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