CBI के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव की नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे प्रशांत भूषण

सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर राव की नियुक्ति के खिलाफ वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति (सलेक्ट कमेटी) ने आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया था. इसके बाद नागेश्वर राव को शीर्ष जांच एजेंसी की दोबारा कमान दी गई थी.

बता दें, अक्टूबर 2018 में सीबीआई में विवाद के बाद सरकार ने निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को जबरन छुट्टी पर भेज दिया था. इसके बाद नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक बनाया था. सरकार के इस फैसले के खिलाफ आलोक वर्मा कोर्ट पहुंच गए थे. बीती 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने वर्मा को निदेशक के पद पर बहाल करते हुए कहा था कि सरकार सीबीआई निदेशक को नहीं हटा सकती है, सिर्फ सेलेक्ट कमेटी ही हटा सकती है.

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय चयन समिति, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और मुख्य न्यायाधीश के प्रतिनिधि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एके सीकरी थे, ने 2-1 के बहुमत से आलोक वर्मा को पद से हटा दिया था. सरकार ने अभी तक कोई नया निदेशक नियुक्त नहीं किया है, इसलिए नागेश्वर राव ही अंतरिम निदेशक बने रहेंगे. यानी कि लगभग 3 हफ्ते तक वह इस पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन प्रशांत भूषण को इस फैसले से आपत्ति है, तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

कोर्ट ने अस्थाना मामले में खारिज कर दी थी याचिका

इससे पहले प्रशांत भूषण ने राकेश अस्थाना को विशेष निदेशक के रूप में नियुक्त करने के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने पुनर्विचार याचिका दायर की, पर इसे भी न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने क्यूरेटिव पिटीशन दायर की, लेकिन दिसंबर, 2018 में न्यायालय ने यह याचिका भी खारिज करते हुए प्रशांत भूषण को फटकार लगाई थी.

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