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राहुल गांधी के दफ्तर ने लिखी थी चिट्ठी- जो बुलेटप्रूफ गाड़ियां दी जाती हैं उनमें घुटन होती है

गुजरात दौरे के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के काफिले पर पथराव की घटना को लेकर लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस सदस्यों ने भारी हंगामा किया था और इस घटना घटना को राहुल गांधी की जान लेने का प्रयास बताया. इसे लेकर राजनाथ सिंह ने भी बयान दिया. राहुल गांधी के दफ्तर ने इस चिट्ठी लिखी थी. उसमें लिखा कि राहुल गांधी को जो गाड़ियां सुरक्षा के लिहाज से दी जाती हैं, उनमें बहुत घुटन होती है और स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. यह चिट्ठी राहुल गांधी के दफ्तर ने केंद्र को लिखी. हालांकि गृहमंत्रालय ने इस बात को सही नहीं बताया है.

मंत्रालय के मुताबिक- राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले कौशल किशोर विद्यार्थी ने पूर्व एसपीजी निदेशक विवेक श्रीवास्तव को चिट्ठी लिखकर कहा था कि सरकार उन्हें सुरक्षा के नाम पर टाटा सफारी बुलेट प्रूफ़ गाड़ी देती है, लेकिन उसमें राहुल गांधी अपने आप को महफूज महसूस नहीं करते. इस चिट्ठी में यह भी लिखा हुआ है कि इन गाड़ियों में हवा भी ठीक से पास नहीं होती. यह चिट्ठी एसपीजी को राहुल गांधी के दफ्तर ने पिछले साल लिखी थी.चिट्ठी में लिखा है कि ना इन गाड़ियों की खिड़की खुलती है ना ही हवा पास होती है. खिड़की सिर्फ़ कुछ सेंटीमीटर ही खुलती है, जिसके कारण राहुल गांधी अपने कार्यकर्ताओं से मिल नहीं पाते. साथ ही अगर रास्ता लंबा हो तो ऑक्सीजन की भी कमी हो जाती है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बात का खंडन किया है. मंत्रालय के मुताबिक़- उसी तरह की टाटा सफ़ारी न सिर्फ़ गृहमंत्री राजनाथ सिंह बल्कि वित्तमंत्री अरुण जेटली भी इस्तेमाल करते हैं यानी उसी तरह की गाड़ी में सफ़र करते हैं.  मंत्रालय का कहना है उसी तरह की गाड़ियां उन सभी वीआईपी को दी जा रही है, जिन्हें सरकार की तरफ़ से Z प्लस सुरक्षा दी हुई है.

मंगलवार को केन्द्रीय गृहमंत्री ने ख़ुद संसद में कहा था कि पिछले दो सालों में कांग्रेस नेता ने 121 दौरे किए हैं, लेकिन 100 बार बुलेट प्रूफ़ गाड़ी इस्तेमाल करने से इंकार किया है. यही नहीं गृहमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे विदेशी दौरे में जाते हैं तो एसपीजी को आखिरी वक्त तक इतलाह नहीं देते हैं और इसके कारण सुरक्षाकर्मियों को काफी दिक्कतें आती हैं.

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