आरएसएस सदस्य ने की सत्यजीत की हत्या

-अभिषेक बनर्जी का सनसनीखेज आरोप

-विधायक के परिजनों से मिलने पहुंचे

-पूछा, कहां है गुटबाजी, कौन है नेता

कोलकाता : नदिया के कृष्णगंज के तृणमूल कांग्रेस विधायक सत्यजीत विश्‍वास की हत्याकांड के मुख्य आरोपी अभिजीत पुंडारी के बारे में सनसनीखेजी दावा करते हुए युवा तृणमूल अध्यक्ष व सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह आरएसएस का सक्रिय सदस्य है। अभिषेक हांसखाली मैदान में दिवंगत विधायक की तस्वीर पर माल्यापर्ण करने के बाद परिजनों से मिलने पहुंचे। विधायक की पत्नी को मुख्यमंत्री व पार्टी की ओर से हर संभव मदद का उन्होंने आश्‍वसान दिया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में अभिषेक ने कहा कि जिस सत्यजीत नामक युवक पर गोली मारने का आरोप है, पता चला है कि वह आरएसएस का सक्रिय सदस्य है। भाजपा द्वारा गुटबाजी के चलते हुए हत्या के आरोप पर उन्होंने कहा कि पार्टी में अर्न्तकलह की बात गलत है। उन्होंने दावा किया कि कोई बताए कि दूसरा गुट कौन व कहां है??

कॉलर पकड़ कर लाएंगे : अभिषेक ने कहा कि सत्यजीत राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए हैं। यह पूर्व सुनियोजित हत्याकांड है। उन्होंने कहा कि कोई भी आरोपी सजा से नहीं बचेगा। युवा तृणमूल अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि समझना होगा कि पुलिस मंत्री ममता बनर्जी हैं। अपराध करके कोई दिल्ली जाकर छिप नहीं सकता, यह समझना होगा। किसी का नाम लिए कहा कि अगर किसी को लगता है कि वह दिल्ली भाग जाएगा और कानून से बच जाएगा तो वे बताना चाहते हैं कि हम उसे कॉलर पकड़कर वापस कोलकाता लाएंगे। माना जा रहा है कि उनका संकेत भाजपा नेता मुकुल राय की ओर था जिनके खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज हुई है। अभिषेक ने कहा कि अभिजीत की मां ने स्वीकार किया है कि उसका बेटा भाजपा करता है। युवा तृणमूल नेता ने दावा किया कि कृष्णगंज में सत्यजीत को रास्ते से हटाए बिना यहां भाजपा अपना पैर नहीं रख पाती, इसीलिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया।  अभिषेक के बयान के बारे में संपर्क करने पर मुकुल ने कहा कि उन्होंने(अभिषेक बनर्जी) किसी का नाम नहीं लिरा इसलिए वे कुछ नहीं कहेंगे। लेकिन वे इतना कहेंगे कि जब भी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्रकर्ताओं की हत्रा होती है वे भाजपा पर दोष मढ़ते हैं। सबसे पहले उन्हें गुटबाजी से निजात पाना चाहिए।

 दिलीप पर निशाना : उन्होंने नदिया के सीमावर्ती व हांसखाली क्षेत्र में हिंसा व अशांति के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष पर सीधा-सीदा हमला किया। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उटाया कि ठाकुरनगर में प्रधानमंत्री की रैली के बाद ही मतुआ नेता की हत्या हुई। क्या यह केवल संयोग हो सकता है? मालूम हो कि सत्यजीत विश्‍वास नदिया जिला युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष भी थे। उनकी हत्या से पार्टी नेताओं में हलचल थी। लेकिन अभिषेक के पहुंचने से नेताओं का मनोबल बढ़ा है, ऐसा बताया जा रहा है। हालांकि, मुख्य आरोपी अभिजीत पुंडारी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *