बरकरार रखें जवानी और लंबी आयु को

समय के साथ उम्र का बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ती है, शरीर में परिवर्तन आना भी स्वाभाविक है। यदि हम इन बातों को स्वाभाविक रूप से लें तो हमारी आधी चिंता समाप्त हो जाएगी।

वैसे तो विज्ञान ने हर क्षेत्र में तरक्की की है पर वे भी बुढ़ापे को रोक पाने में असमर्थ रहे हैं पर इतने डॉक्टरों के अध्ययन से यह तो स्पष्ट हुआ है कि बुढ़ापे को रोका तो नहीं जा सकता पर शरीर पर होने वाले इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है।

बुढ़ापे की प्रक्रिया के प्रभाव को कम करने के लिए हमें जवानी से ही मेहनत करनी पड़ती है। कुछ शोधकर्ताओं की राय के आधार पर जानिए कि हम ज्यादा से ज्यादा दिनों तक अपनी जवानी को बरकरार कैसे रख सकते हैं।

व्यायाम करें

व्यायाम शरीर को चुस्त दुरुस्त रखता है, यह तो सभी जानते हैं। जवानी से ही अपने शरीर को फुर्तीला बनाने के लिए व्यायाम करने की आदत डाल दें। यदि आपने जवानी में व्यायाम नहीं किया तो अब अपनी आदत सुधार लें ताकि बाकी का जीवन सुधर जाए। दौड़ना, तैराकी, साइकिलिंग, ऐरोबिक्स आदि अच्छी कसरतें हैं। इसके अलावा वजन उठाने वाले व्यायाम भी आप कर सकते हैं।

इससे मांसपेशियां मजबूत होगी, दिल की बीमारी से बचाव होगा और बुढ़ापे के लक्षणों को स्वयं से दूर रखा जा सकेगा। बढ़ती उम्र में व्यायाम प्रारंभ करने से पहले अपनी शारीरिक जांच करवा लें और डाक्टर से सलाह ले कर ही व्यायाम करें या फिर बहुत धीमी गति से प्रारंभ कर धीरे-धीरे बढ़ायें।

प्रोटीन लें

प्रोटीन शरीर के विकास के लिए बहुत आवश्यक हैं पर अपने शरीर की जरूरत के अनुसार ही प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। अधिक प्रोटीन शरीर को नुक्सान भी पहुंचा सकते हैं और शरीर को सुस्त और भारी भी बना देते हैं। अत: प्रोटीन्स का सेवन वज़न और आयु अनुसार उचित मात्र में करना चाहिए।

सप्लीमेंटस लें

शोधकर्ताओं के अनुसार यदि हम अपने फ्री रेडीकल्स पर काबू रखते हैं तो हम अपने बुढ़ापे की रतार को कम कर सकते हैं। विटामिन ’सी‘, ’ई‘ और बीटा केरोटीन की मदद से आप खतरनाक बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। विटामिन ’सी‘, ’ई‘ और बीटा केरोटिन की अधिक मात्रा शरीर को कुछ नुकसान नहीं पहुंचाती। ये सप्लीमेंटस, शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री-रेडिकल्स और बेकार मोलीक्यूल्स के स्तर कम करते हैं।

तेज धूप से बचें

 तेज धूप त्वचा के टिश्यू नष्ट कर देती है जिससे त्वचा समय से पहले बूढ़ी लगती है। सूर्य की तेज किरणें हमारी त्वचा को बहुत नुक्सान पहुंचाती हैं क्योंकि सूर्य से नुकसानदेह अल्ट्रा वायलेट किरणें निकलती हैं।

इसका अर्थ यह भी नहीं कि आप बाहर निकलना बंद कर दें। धूप में बाहर जाते समय आंखों पर धूप का चश्मा लगायें, सिर को टोपी, स्कार्फ या दुपट्टे से ढक कर रखें और बाहर जाने से आधा घंटा पूर्व सनस्क्रीन क्रीम लगा कर बाहर जाएं। यदि आंखों के नीचे त्वचा में लकीरें पड़ने लगें तो डॉक्टर की सलाह से क्रीम लगायें ताकि समय पर उन पर काबू पाया जा सके।

कुछ अध्ययनकर्ताओं के अनुसार सन बाथ लेने वाले लोगों में गालस्टोन बनने की संभावना आम लोगों के मुकाबले 25 गुना ज्यादा होती है।

वज़न पर नियन्त्रण रखें

नियन्त्रित वज़न वाले लोग देखने में आकर्षक तो लगते ही हैं, उनका शरीर भी फुर्तीला होता है और वे डायबिटीज और हार्ट की बीमारियों से भी दूर रहते हैं।

भूखे रहकर वजन पर नियंत्रण न रखें। भूखे रहने से शरीर में कमज़ोरी आती है जिससे शरीर सुस्त और ढीला रहता है और कई बीमारियां घेर लेेती हैं जबकि कसरत कर और संतुलित आहार लेकर भी आप अपने वज़न पर नियन्त्रण रख सकते हैं। इससे न तो कमजोरी आएगी, न ही ढीलापन अनुभव होगा। अंकुरित अनाज, प्रोटीन्स, रेशेदार फल सब्जियां, दलिया, खिचड़ी, सूप आदि ले सकते हैंंं।

नींद पूरी लें

शरीर को आराम देने का सरल और उत्तम तरीका है पूरी नींद लेना। प्राय: सात आठ घंटे की नींद काफी होती है। जब आप साउंड स्लीप लेकर उठें तो आप पूरी तरह से तरोताजा महसूस करें। तभी नींद का पूरा होना माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार शरीर को पूरा आराम न मिले तो आप जवानी में बूढ़ा महसूस करेंगे। यदि संभव हो तो दिन में खाने के बाद थोड़ी सी झपकी लेना भी सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।

सेक्स का मज़ा लें

यह तो सत्य है कि जवानी में सेक्स का मज़ा ही कुछ और है जो उम्र के साथ थोड़ा कम तो हो जाता है पर सेक्स जीवन का अहम् भाग है। कई जिम्मेदारियों में फंस कर समय के साथ इसका उपभोग कम होता जाता है। यदि आप नियमित कसरत करते रहें तो रक्त संचार ठीक रहेगा, रक्त धमनियों में चर्बी नहीं जमेगी और सेक्स इच्छा बनी रहेगी।

कुछ विशेषज्ञों के अनुसार सेक्स से किनारा करना किसी भी उम्र में ठीक नहीं है। यह एक तरह से जीवन का अंत करना है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा उम्र तक सेक्स का मज़ा लें और व्यायाम करते रहें ताकि सेक्स के लिए स्वयं को फिट रख सकें।

जवान महसूस करें

 बहुत से डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार, ’हमारी सोच ही उम्र का अहसास करवाती है‘ इसलिए ’फील यंग, रिमेन यंग‘ का सिद्धान्त अपनाएं। लोगों से मेलजोल बनाएं, आशावादी रहें, ज्यादा समय के लिए स्वयं को एक्टिव बनाएं, बच्चों के साथ आनन्द महसूस करें, अधिक टोका टाकी न करें। इन सब सिद्धांतों को अपनाकर जवान महसूस करें। बुढ़ापे की भावना को दिमाग पर हावी न होने दें। समय के साथ अपनी सोच में बदलाव अवश्य लाएं।

अपनी चाल ढाल और पीठ का ध्यान रखें

उम्र के साथ-साथ हड्डियों की सघनता कम होती है, इस बात का ध्यान रखते हुए अपने भोजन में कैल्शियम की उचित मात्रा लेते रहें। इसके लिए दूध, दही, ब्रोकली, सोयाबीन, मूंंगफली, नींबू, भुने चने, गुड़ आदि को अपने भोजन का अहम् अंग बनाएं।

अपनी मसल्स को मजबूत बनाए रखने के लिए व्यायाम, सैर, विशेषकर वजन उठाने वाले व्यायाम करें ताकि हड्डियां भी मजबूत बनें। उम्र के साथ सीढ़ियां धीरे उतरें-चढ़ें। एकदम झुक कर अधिक समय तक काम न करें, न ही अधिक समय खड़े रहकर काम करें। कंधे सीधे कर लें। यदि कंधे झुका कर चलेंगे तो पीठ पर कूबड़ बन जाएगा जिससे आपकी चाल खराब हो जाएगी।

इस प्रकार इन बातों पर ध्यान देते हुए अपनी जवानी को बरकरार रख सकते हैं और लम्बी आयु को प्राप्त कर सकते हैं। (स्वास्थ्य दर्पण)

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