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यह फासीवाद है : सौमित्र चटर्जी

निर्देशक सुमन घोष ने बनाया है डॉक्यूमेंट्री

कोलकाता, समाज्ञा रिपोर्टर

सीबीएफसी द्वारा जिन शब्दों पर आपत्ति जताई दी है उस बारे में घोष ने बतारा कि सीबीएफसी के क्षेत्रीर कार्रालर ने जिन चार शब्दों को म्रूट करने के लिए कहा है वे हैं, गुजरात, गार, हिंदुत्व व्रू ऑफ इंडिरा और हिन्दू इंडिरा। घोष ने कहा कि मैने इसमें अपनी असमर्थता जताई। रह एक वृत्तचित्र है और एक ऐसे व्रक्ति पर है जिसका अंतरराष्ट्रीर कद है। मैं स्तब्ध हूं। वहीं, सीबीएफसी के कदम की आलोचना करते हुए दादासाहब फाल्के पुरस्कार विजेता सौमित्र चटर्जी ने कहा कि रह मूर्खतापूर्ण कदम है। एक तरह से रह फासीवाद है।

क्या है द आर्ग्युमेंटेटिव इंडियन में? उन्होंने बतारा कि उनकी इस सप्ताहांत में फिल्म को रिलीज करने की रोजना थी। उन्होंने कहा कि मैं उनके लिखित संदेश का इंतजार कर रहा हूं और देख रहा हूं कि क्रा वे फिल्म को सीबीएफसी, मुंबई भेजेंगे। लेकिन किसी भी स्थिति में मेरा जवाब रही होगा। घोष ने कहा कि कल शाम कोलकाता में सेंसर बोर्ड के दफ्तर में तीन घंटे तक मेरे वृत्तचित्र की स्क्रिनिंग हुई और सदस्रों ने हर एक दृश्र को बारीकी से देखा। उसके बाद मुझे रूए प्रमाणपत्र पाने के लिए मौखिक रूप से गुजरात, गार, हिंदुत्व व्रू ऑफ इंडिरा और हिंदू इंडिरा शब्दों को म्रूट करने को कहा गरा। इस वृत्तचित्र में सेन सामाजिक चरन के सिद्धांत, विकास के अर्थशास्त्र, दर्शन और भारत समेत दुनिरा में दक्षिणपंथी राष्ट्रवाद के उदर पर बात करते हैं। फिल्म 15 साल के (2002-2017) कालखंड को समेटती है और सेन तथा उनके छात्र रहे अर्थशास्त्री कौशिक बसु के बीच बातचीत पर आधारित है। घोष ने कहा कि इन दिनों फिल्मों को ऑनलाइन प्रमाणपत्र मिल जाते हैं। इसलिए मुझे उम्मीद है कि इस मुद्दे का हल जल्द निकलेगा। लेकिन कुछ शब्दों को हटाने का सवाल ही नहीं उठता। मोदी सरकार के तीखे आलोचक रहे सेन ने इस मुद्दे पर किसी तरह की बातचीत में पड़ने से मना कर दिरा। उन्होंने कहा कि रह मुझ पर बना वृत्तचित्र है। मैंने इसे नहीं बनारा है। मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है। आप इस बारे में सुमन घोष से बात करें। सेन ने रह भी कहा कि अगर अधिकारिरों को कोई आपत्ति है तो वे इस पर बातचीत कर सकते हैं। सीबीएफसी के एक शीर्ष सूत्र ने रहां कहा कि सीबीएफसी कोलकाता ने वृत्तचित्र का प्रिव्रू देखा और परीक्षण समिति ने ऑनलाइन प्रमाणन निरमों के अनुसार कुछ संशोधनों के साथ रू प्रमाणपत्र की सिफारिश की है। वृत्तचित्र की एक निजी स्क्रिनिंग इस सप्ताह रहां सरकार के स्वामित्व वाले नंदन थिरेटर में हुई जिसमें खुद सेन और कई प्रतिष्ठित लोग उपस्थित थे।

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