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पूजा से पहले तृणमूल नेता भाजपा में : दिलीप

-मच्छर के लिए तोप नहीं दागते : पार्थ

कोलकाता : ऐसे में जब भाजपा नीतीश का हाथ पकड़ कर बिहार की सत्ता पर काबिज हो गई है तथा अब उसकी नजर बंगाल पर टिकी है और वह इस दिशा में काफी जोरशोर से वह प्रयासरत भी है। हर छोटे मौके को बड़ा बनाने का मौका वह हाथ से नहीं जाने दे रही है। चाहे हादसे का हो या फिर सामाजिक सरोकार का। खेलकूद को भी भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है। वह 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले बंगाल में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराने की हर संभव कोशिश कर रही है। लेकिन अब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने यह कह कर सनसनी फैला दी है कि दूर्गा पूजा से पहले ही तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भाजपा में शामिल होने वाले हैं। हालांकि, घोष के बयान को महत्व देने से इनकार करते हुए तृणमूल महासचिव पार्थ चटर्जी ने कटाक्ष के लहजे में कहा कि बंगाल में भाजपा कोई ताकत नहीं है। तृणमूल मच्छर मारने के लिए तोप का इस्तेमाल नहीं करती है।

इससे पहले हाजरा में पार्टी की ओर से तृणमूल तुष्टीकरण छोड़ो, कार्यक्रम में शामिल दिलीप घोष ने तृणमूल पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए अल्पसंख्यकों को महत्व दे रही है। बंगाल को बांग्लादेश बनाने की साजिश रची जा रही है। लेकिन वो दिन दूर नहीं जब तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे। घोष ने दावा किया कि ऐसा दूर्गा पूजा के पहले ही होगा। उन्होंने कहा कि कई नेता तो पूजा के पहले जेल के अंदर भी होंगे क्योंकि सारदा-नारद की जांच आगे बढ़ रही है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि बंगाल में सांप्रदायिक दल के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ममता बनर्जी के बारे में जानती है। यहां भाजपा की कोई नहीं चलने वाली है। यह पूछने पर कि घोष के दावे से निपटने के लिए तृणमूल क्या तैयारी कर रही है, पार्थ ने कहा कि मच्छर को मारने के लिए तोप का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

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