भारी बारिश से बेहाल हुआ कोलकाता,बिजली गिरने से राज्यभर में 10 की मौत     

बिजली गिरने से राज्यभर में 10 की मौत     

कोलकाता : राज्य के कई जिलों में भारी बारिश होने के साथ बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गरी और कई अन्र घारल हो गए। अधिकारिरों ने कहा कि बिजली गिरने से बांकुड़ा जिले में चार, हुगली जिले में तीन और पश्‍चिमी मिदिनीपुर, बीरभूम एवं उत्तर 24 परगना जिलों में एक-एक व्रक्ति की मौत हो गरी। बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक सुखेंदु हीरा ने बतारा कि जिले में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक महिला एवं उसकी बेटी सहित चार लोग मारे गए। उन्होंने बतारा कि हादसे के समर महिला और उसकी बेटी राजाग्राम गांव में अपने खेत में काम कर रही थीं। वहीं, नित्रानंदपुर गांव और पुनीसोल गांव में बिजली गिरने से एक-एक व्रक्ति की मौत हो गई। अधिकारिरों ने कहा कि बिजली गिरने की घटनाओं में कुछ लोग झुलस भी गए।

कोलकाता : सोमवार को दोपहर बाद शुरू हुई तूफानी बारिश की वजह से महानगर में जनजीवन एक बार फिर अस्तव्यस्त नजर आया। साथ ही नगर निगम की जल निकासी संबंधी व्यवस्थाओं की कलई भी खुलकर सबके सामने आ गयी। भारी बारिश होने की वजह से कई इलाकों में जल जमाव देखने को मिले और लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने में भी खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं बारिश की वजह से सड़के जाम रही और दैनिक यात्रियों को घर वापसी में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि पहले से की गई व्यवस्था की वजह से ट्रेन परिचालन सेवा पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला, बावजूद इसके ट्रेनों की गति को नियंत्रित रखा गया। महानगर व आसपास के इलाकों में गरज के साथ हुई भारी बारिश के बाद कोलकाता नगर निगम की ओर से इलाकेवार बारिश की जानकारी देते हुए बताया गया कि मानिकतल्ला में 35 मिलीमीटर, बेलगछिया में 11 मिलीमीटर, ढापालॉक में 83 मिलीमीटर, तपसिया में 45 मिलीमीटर, उल्टाडांगा में 46 मिलीमीटर, पालमेर बाजार में 70 मिलीमीटर, बालीगंज में 94 मिलीमीटर, चेतलालॉक में 61 में मिलीमीटर, कालीघाट में  12.6 मिलीमीटर, सीपीटी केनाल में 66 मिलीमीटर, बेहला फ्लाईं क्लब 61.4 मिलीमीटर में वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं कड़कड़ाहट के साथ चमकी अकाशीय बिजली के कारण घंटों तक पीआरएस सर्वर आउट ऑफ आर्डर रहा। इधर, मौसम विभाग की माने तो मानसून पश्‍चिम बंगाल के मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है और आगे वह ओडिशा के कई इलाकों के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्‍चिमी क्षेत्र के बाकी हिस्सों में भी पहुंच जाएगा। इसके साथ ही अगले दो दिनों में पूर्वोत्तर राज्यों, ओडिशा, पश्‍चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की बूंदाबांदी से लेकर भारी बारिश हो सकती है। वहीं बुधवार को भी पश्‍चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में अनेक स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। वहीं मौसम विभाग की ओर से यह भी साफ किया गया कि अगले एक हफ्ते के दौरान मानसून प्रवाह के कमजोर पड़ने के चलते आगे की दिशा में मानसून की प्रगति होने की उम्मीद नहीं है। अगले दो से तीन दिन के दौरान उप हिमालयी पश्‍चिम बंगाल के साथ ही राज्य के तटीय जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इस बीच, तटीय चौबीस परगना जिले के पोर्ट कैनिंग में मंगलवार को सबसे ज्यादा 44.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस साल जल्दी बारिश शुरू होने को किसानों के लिए अच्छे संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में वे खरीफ की फसलों की बुवाई जल्दी शुरू कर सकेंगे।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को तेज़ बिजली की कड़कड़ाहट के साथ हुई बारिश और तूफान से पुरुलिया, बांकुड़ा, पूर्वी बर्दवान, पू्र्व और पश्‍चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगमा, नदिया और हावड़ा के कुछ हिस्से प्रभावित हुए हैं। वहीं बताया गया कि उप हिमालयी क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले पश्‍चिम बंगाल -सिक्किम के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार जिलों के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश (7 से 20 सेंटीमीटर) होने की संभावना है। वहीं  बंगाल के मालदह, उत्तर-दक्षिण दिनाजपुर के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश (7 से 11सेंटीमीटर) होने की संभावना है।

 

 

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