सुप्रीम कोर्ट संकट: सरकार ने बनाई दूरी, चाहती है न्यायपालिका खुद निकाले समाधान

सरकार को संदेह था कि सुप्रीम कोर्ट में संकट पैदा हो रहा है, लेकिन ये उम्मीद किसी को नहीं थी कि ये इतने बड़े न्यायिक संकट का रूप लेगा. जिसके कारण चार वरिष्ठ न्यायाधीश भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

एक शीर्ष स्रोत ने बताया कि इस मामले में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये न्यायपालिका का आंतरिक मामला है, इसे न्यायाधीश खुद हल करें तो ज्यादा अच्छा होगा.

जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस ए बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने  इस मामले पर सात पेज का एक पत्र भी जारी किया.

जस्टिस जे. चेलामेश्वर ने कहा, सुप्रीम कोर्ट प्रशासन सही तरीके से नहीं चल रहा है. हम चीफ जस्टिस को समझाने में नाकाम रहे हैं. कुछ चीजें नियंत्रण के बाहर हो गई हैं. इसके चलते हमारे पास मीडिया में बात करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा. हम अपनी चिंताओं को सामने लाना चाहते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के चार मौजूदा जजों ने सीजेआई दीपक मिश्रा पर कई बड़े आरोप लगाए हैं. कुछ महीनों पहले सुप्रीम कोर्ट के जजों ने सीजेआई को चिट्ठी लिखी थी. जजों ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक से काम नहीं कर रहा है और हमने इसके लिए चीफ जस्टिस से मुलाकात भी की थी. हमने जो मुद्दा उठाया उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.

जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि, देश में बहुत से समझदार लोग समझदार बातें बोल रहे हैं. हम नहीं चाहते कि 20 साल बाद लोग कहें कि जस्टिस चेलमेश्वर, गोगोई, लोकुर और कुरियन जोसेफ ने अपनी आत्मा बेच दी और सविंधान के मुताबिक सही फैसले नहीं दिए.

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