नहीं रहे सोमनाथ चटर्जी

-10 बार के सांसद व लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष

-पीएम मोदी व राहुल गांधी ने शोक व्यक्त किया

कोलकाता/दिल्ली : लोकसभा के पूर्व अध्रक्ष और वरिष्ठ वामपंथी नेता सोमनाथ चटर्जी का सोमवार सुबह कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया । अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बतारा कि उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। चटर्जी 89 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा एवं दो बेटियां हैं। अधिकारी ने बताया कि चटर्जी को रविवार को भी दिल का हल्का दौरा पड़ा था जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। सोमवार सुबह करीब 8.15 बजे उनका निधन हो गया । चटर्जी को किडनी से संबंधित बीमारी थी और उन्हें मंगलवार को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अधिकारी ने बताया कि उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। रविवार रात से उन पर इलाज का कोई असर नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सह विभिन्न नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

उनका इलाज कर रहे एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बतारा कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। सेप्सिस हो गया था तथा गुर्दों ने भी काम करना बंद कर दिया था। इसके अलावा उन्हें सांस संबंधी बीमारिरां और मधुमेह भी हो गया था। चटर्जी को रविवार सुबह भी दिल का दौरा पड़ा था तथा उनका आईसीरू में इलाज चल रहा था। लोकसभा के पूर्व अध्रक्ष को पिछले महीने मस्तिष्क में रक्तस्राव हुआ था। उनका पिछले 40 दिन से इलाज चल रहा था और स्वास्थ्र में सुधार होने के चलते उन्हें 3 दिन के लिए अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

 

गन सैल्यूट : लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष के शव को विधानसभा दोपहर विधानसभा ले जाया गया जहां उन्हें गन सैल्यूट से विदाई गई। सभी दलों के नेताओं ने भी दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व विधानसभा के स्पीकर विमान बनर्जी ने भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।

10 बार के सांसद : दस बार लोकसभा के सांसद रहे चटर्जी माकपा की केंद्रीर समिति के सदस्य थे। वह 1968 में माकपा में शामिल हुए थे। वह वर्ष 2004 से 2009 तक लोकसभा के अध्रक्ष रहे। माकपा के संप्रग-एक सरकार से समर्थन वापस ले लेने के बावजूद चटर्जी ने लोकसभा के अध्रक्ष के पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिरा था। इस वजह से वरिष्ठ नेता को वर्ष 2008 में माकपा से निष्कासित कर दिरा गया था। चटर्जी ने 23 जुलाई 2008 को अपनी जिंदगी का सबसे दुखद दिन बताया था।

किसने क्या कहा : सोमनाथ के निधन पर शोक जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह भारतीर राजनीति के एक कद्दावर नेता थे। मोदी ने कहा कि उन्होंने हमारे संसदीय लोकतंत्र को समृद्ध बनाया और वह गरीब तथा कमजोर तबके के कल्याण के लिए एक मुखर आवाज थे। मोदी ने ट्वीट किरा कि वे उनके निधन से दुखी हैं। उनके परिवार तथा समर्थकों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं।

कांग्रेस अध्रक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कहा कि चटर्जी अपने आप में एक संस्था थे और सभी पार्टियों के लोग उनका बहुत अधिक सम्मान एवं प्रशंसा करते थे। पूर्व उपराष्ट्रपति एम हामिद अंसारी ने कहा कि वह एक असाधारण मनुष्य , एक विशिष्ट सांसद और बेहद स्पष्ट सोच वाले लोकसभा अद्यक्ष थे। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।

पूर्व अध्यक्ष के निधन पर मुख्रमंत्री ममता बनर्जी ने शोक जाहिर करते हुए कहा कि लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ (दा) के निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार एवं प्रशंसकों के साथ है। यह हम सभी के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।

राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने भी चटर्जी के निधन पर शोक प्रकट किया । माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि रह हमारे लिए बड़ा धक्का है। आज पश्‍चिम बंगाल ने अपना संरक्षक खो दिया । सोमनाथ के निधन पर माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि स्पीकर की कुर्सी के लिए उदाहरण रहे। बंगाल व देश ने एक महान नेता को खो दिया। यह वामपंथी आंदोलन के लिए बड़ा धक्का है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी व प्रदेश?भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी सोमनाथ चटर्जी के निधन को देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

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