दार्जिलिंग में ममता बनर्जी ने कहा, बंद हो बंद की राजनीति

दिल से जीतना चाहते हैं

सात माह बाद पहुंचीं दार्जिलिंग

दार्जिलिंग/कोलकाता  : जून 2017 में गोजमुमो के तांड़व(हिंसा) के लगभग सात माह से भी अधिक समय के बाद पहाड़ पर पहुंचीं मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि पहाड़ पर बंद की राजनीति बंद होनी चाहिए। मंगलवार को सुभाष घिषिंग के नाम पर एक सड़क का नामकरण करने के बाद बुधवार को सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्‍नरेट के तहत आयोजित क्रीणा प्रतियोगिता में शामिल मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दार्जिलिंग के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती है तथा यहां जबरदस्ती नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि हम दिल से दार्जिलिंग को जीतने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन याद रखना होगा कि जबरन चुनाव नहीं जीते जा सकते। उन्होंने कहा कि जीटीए का गठन पहाड़ के विकास के लिए हुआ था। लेकिन सभी जीटीए सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। बाध्य होकर हम पहाड़ के विकास के लिए केयरटेकर चेयरमैन के माध्यम से पहाड़ के विकास को जारी रखे हुए हैं। हम सभी धर्म, समुदाय व वर्ण के लोगों का समान सम्मान करते हैं। ममता ने कहा कि वे मार्च-अप्रैल के बीच ही यहां बिजनेस समिट करने की कोशिश कर रहीं हैं। ममता ने कहा कि हमें केंद्र से भीखा की जरुरत नहीं। हम अपने संसाधनों से ही सफल होंगे। यह हमारा वादा है। ममता ने कहा कि हम शांति बहाली के लिए काम करते रहे।

दार्जिलिंग पहाड़ के लोगों को बांटने की कोशिश  : भाजपा

कोलकाता ः प्रदेश भाजपा भाजपा अध्रक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को तृणमूल सरकार पर दार्जिलिंग (पहाड़) के लोगों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगारा। मुख्रमंत्री ममता बनर्जी का दौरा एक बार फिर वहां की शांति और स्थिरता के लिरे खतरा खड़ा करेगा। पछले वर्ष जून में मुख्रमंत्री के स्कूलों में बांग्ला भाषा को अनिवार्र बनाने को लेकर हुरे दौरे के बाद से ही दार्जिलिंग गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) के आंदोलन की आग में झ्ाुलस रहा है। करीब सात महीने बाद ममता ने पहाड़ी क्षेत्र का दौरा किया। घोष ने पिछले साल  हुई हिंसा के लिरे भी प्रदेश सरकार की आलोचना की थी। दिल से जीतना….

 

अगर यहां पयर्टक नहीं आएंगे तो यहां आर्थिक विकास कैसे होगी? हम चाहते हैं कि यहां बंद की राजनीति बंद होनी चाहिए। वाम मोर्चा की खींचाई करते हुए ममता ने कहा कि वाम सरकार के जमाने में मुख्यमंत्री यहां मुश्किल से ही आते थे। लेकिन वे यहां 2-3 माह के अंतर पर आती रहतीं हैं। वे यहां वोट मांगने के लिए नहीं बल्की लोगों का दिल जीतने के लिए आतीं हैं। लेकिन यहां के लोगों को विकास व खुशहाली के लिए शांति बनाए रखनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दार्जिलिंग पसंदीदा पर्यटन स्थल है। अगर यहां शांति नहीं रहेगी तो यहां के पर्यटक सिक्किम का रुख करेंगे। स्वार्थी तत्व ऐसी ही चाहते हैं। वे दार्जिलिंग के लोगों की खुशी नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे पहाड़ के विकास के लिए कुछ करने की कोशिश करतीं हैं, स्वार्थी तत्व हिंसा फैलाने की कोशिश करते हैं। और ऐसा होने से विकास कार्य 10 साल पीछे चले जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी धन बल के दम पर दार्जिलिंग को नहीं खरीद सकता। इसे दिल से जीतना होगा। ममता ने कहा कि दार्जिलिंग में औद्योगिक व आईटी हब बनने की पूरी क्षमता है। यहां अन्य संभावनाएं भी हैं। उन्होंने कहा कि हम दार्जिलिंग व पूरे पहाड़ का विकास चाहते हैं। हम शांति व युवाओं के लिए रोजगार चाहते हैं।

विवि की स्थापना :  मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के लोग लंबे समय से एक विवि की मांग कर रहे हैं। केंद्र से भी मदद मांगी गई, लेकिन केंद्र नहीं सुन रहा। ममता ने कहा कि केंद्र से भीख मांगने की जरुरत नहीं। राज्य सरकार यहां विवि बनाएगी। उन्होंने कहा कि हमने पहले ही यहां आईटीआई व पॉलीटेक्नीक तथा पानी परियोजनाओं की स्थापना की है। हम बांटो व राज करो की राजनीति में विश्‍वास नहीं करते बल्की लोगों को जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ पर फिर से शांति व खुलहाली लौटाने के लिए यहां के लोगों को धन्यवाद देतीं हैं क्योंकि यहां दोबारा पर्यटक आ रहे हैं जो पहाड़ के आर्थिक विकास के लिए अच्छे संकेत हैं।

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