मर्चेंट वेसल में लगी आग , सभी 22 क्रू मेंबर सुरक्षित     

कोलकाता : स्वदेशी मर्चेंट कंटेनर एमवी एसएसएल कोलकाता में गुरुवार की सुबह आग लग गई। घटना का पता चलते ही कोस्ट गार्ड शिप को फौरन हल्दिया भेजा गया। समुद्र और तेज हवाओं की वजह से जहाज बेहद तेजी से 70 प्रतिशत तक जल चुका था। गौर हो कि इससे पहले बुधवार रात को एमवी नलिनि नाम के पोत में आग लगने से एक सदस्य की जान चली गई थी। एमवी कोलकाता के बारे में पता लगते ही कोस्ट गार्ड शिप राजकिरण और डॉर्नियर तीन घंटे के अंदर पहुंच गए। तब तक कंटेनर के कप्तान उसे छोड़ने का फैसला कर चुके थे। कंटेनर पर मौजूद क्रू के सभी 22 सदस्यों को बचा लिया गया। हालांकि खराब मौसम और समंदर के हालातों की वजह से कोस्‍ट गार्ड यूनिट्स को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ा। माना जा रहा है कि एसएसएल कोलकाता से काफी मात्रा में तेल निकलकर समंदर में फैल गया होगा। वहीं कोस्‍ट गार्ड अथॉरिटीज लगातार कलकत्ता पोर्ट ट्रस्‍ट के संपर्क में हैं। इधर, विशाखापट्टनम और चेन्‍नई से निकले जहाज अपने साथ प्रदुषण को नियंत्रित करने वाले उपकरण लेकर रवाना हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक यह कंटेनर श्रेयस शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स का है। यह कृष्णपट्टनम से कोलकाता आ रहा था। बताया जाता है कि बुधवार रात 10.15 बजे इसमें एक धमाका हुआ, जिससे आग लग गई। फिलहाल यह कोलकाता पोर्ट के पास है और इसमें रखे सामान निकाल लिए गए हैं। वहीं तटरक्षक बल के कमांडर इंस्पेक्टर जनरल कुलदीप सिंह श्योराण ने बताया कि व्यापारिक जहाज में लदे कंटेनर से समंदर में तेल नहीं फैला है। अगर ऐसा हुआ भी होगा, तो तटरक्षक बल इसको देखेगा। मर्चेंट वेसल एसएसएल कोलकाता 464 कंटेनर लेकर जा रहा था। हमने चालक दल के सभी सदस्यों को सफलतापूर्वक बचा लिया है।  इससे पहले केरल तट के नजदीक कोच्चि तट के पास लंगर डाले एमवी नलिनी में अचानक आग लग गई थी। आग लगने से गंभीर रूप से झुलसे चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई। पोत रसायन का टैंकर था और मिट्टी के तेल से लदा था। बचाव अभियान दक्षिणी नौसेना कमान, तट रक्षक और अन्य एजेंसियों ने चलाया था।           

 

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