बड़ाबाजार स्थित साड़ी की दुकान में लगी आग

कोलकाता : बड़ाबाजार स्थित एक साड़ी की दुकान में अचानक आग लग गयी। उक्त घटना पोस्ता थाना अंतर्गत 31, शिवतल्ला स्ट्रीट की है। इमारत के पहले तल्ले पर स्थित साड़ी की दुकान का नाम नंदिनी साड़ीस बताया गया है। गुरुवार की दोपहर लगभग 2.47 बजे घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे दमकल के 3 इंजनों की मदद से आग पर काबू पाया गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इमारत में स्थित सभी दुकानें बंद थी जिस वजह से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बताया गया है कि दुकान के अंदर वेंटिलेशन की संख्या ज्यादा न होने की वजह से वहां धुआं भर गया था और इसी वजह से धुआं निकालने में भी दमकल कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि उक्त इमारत में अग्निशमन व्यवस्था भी नहीं थी। धुआं घना होने की वजह से दमकल कर्मियों को दुकान के अंदर तक जाने के लिए ऑक्सिजन सिलेंडर का इस्तेमाल भी करना पड़ा। घटना के तुरंत बाद वार्ड 23 के पार्षद विजय ओझा वहां पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि खबर मिलते ही वे वहां आए और आस-पास के इलाके को खाली करवाया। उनका कहना है कि जब वे वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि सब-टेनेंट दुकान के अंदर बेहोश पड़ा हुआ है। उन्होंने तुरंत उसे खींच कर दुकान से बाहर निकाला। सब-टेनेंट उज्ज्वल राय ने बताया कि उसने नंदिनी साड़ीस के मालिक पुरुशोत्तम झा को दुकान किराये पर दे रखी है। गुरुवार को उसे सूचना मिली कि दुकान में आग लग गयी है। दुकान की एक चाभी उसके पास भी होती है। इस वजह से वह तुरंत दुकान पहुंचा और ताला खोल कर आग बुझाने की कोशिश करने लगा। उसने बताया कि धुआं इतना घना था कि 2 से 3 बार पानी छिड़कने के बाद वह अचानक बेहोश हो गया।

जल कर राख हुईं लाखों की साड़ियां

नंदिनी साड़ीस के मालिक पुरुशोत्तम झा ने बताया कि दिवाली के दिन इलाके में सभी दुकानें खुली हुई थी। इस वजस से दिवाली के अगले दिन यानी गुरुवार को सभी दुकानों को बंद रखा गया था। दोपहर का वक्त था वे अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर रहे थे। तभी उनके भाई का फोन आया और उसने कहा कि दुकान में आग लग गयी है। वे लिलुआ स्थित अपने घर से भागते हुए दुकान पहुंचे तो देखा कि दमकल कर्मी आग को बुझाने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उक्त दुकान किराये की है जहां वे गद्दी चलाते हैं। उनका साड़ी का होलसेल का व्यवसाय है और दुकान में 70 लाख से अधिक की साड़ियां रखी हुई थी।

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