भाजपा की रथ रात्रा पर हाईकोर्ट का ‘ब्रेक’

कोलकाता , समाज्ञा
जिस ‘कानून-व्यवस्था’ की जिम्मेवारी का हवाला देकर भाजपा बार-बार सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को घेरने तथा लोकसभा चुनाव के पहले बंगाल में पार्टी के पक्ष में हवा उठाने की कोशिश कर रही थी, उसी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा को गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में मुंह की खानी पड़ी। हाईकोर्ट ने कूचबिहार में शुक्रवार से शुरू होने वाली भाजपा की रथ यात्रा को अनुमति देने से इनकार करते हुए उस पर ‘ब्रेक’ लगा दी। यह प्रदेश के साथ ही केंद्रीय भाजपा के लिए बड़ा झटका है। न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया कि वर्तमान स्थिति में रैली की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायालय ने कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य सरकार की जिम्मेवारी है। और इतने कम समय में पुलिस लोगों की सुरक्षा इंतजाम नहीं कर सकती। इतना ही नहीं न्यायालय ने और कहा कि 9 जनवरी तक भाजपा कोई भी रथ यात्रा नहीं कर सकेगी। उसी दिन मामले की अगली सुनवाई होगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भाजपा नेता मुख्य न्यायाधीश के उनके चेम्बर में उनसे मिले तथा मामले की त्वरित सुनवाई की मांग की। भाजपा नेता जयप्रकाश मजुमदार ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वे मामले को शुक्रवार सुबह 10.30 बजे सुनेंगे। मजुमदार ने कहा कि हम शुक्रवार सुबह न्यायालय से लोकतंत्र में आंदोलन करने के अधिकार की रक्षा करने की मांग करेंगे।

21 दिस. तक रिपोर्ट तलब : न्यायाधीश तपोव्रत चक्रवर्ती की पीठ ने भाजपा की याचिका की सुनवाई के बाद कहा कि जिस-जिस जिले में भाजपा की रथ यात्रा जाएगी, वहां के पुलिस सुपर को इस बारे में रिपोर्ट देनें होंगे। रिपोर्ट 21 दिसम्बर तक देने होंगे। रिपोर्ट देखने के बाद ही न्यायालय रथ यात्रा की अनुमति के बारे में फैसला लेगा। इससे पहले 9 जनवरी तक कहीं भी कोई रथ यात्रा नहीं निकाली जा सकेगी। राज्य सरकार के वकील अर्क कुमार नाग ने कहा कि पुलिस सुपर जिला भाजपा अध्यक्षों संग बात कर हाईकोर्ट को 21 दिस. तक रिपोर्ट सौंपेंगे।

सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट : जमीनी स्थिति को देखते हुरे अनुमति देने से इनकार करने को एक प्रशासनिक निर्णर बताते हुए महाधिवक्ता ने कहा कि इसके संवेदनशील प्रकृति के कारण आंशका का ब्रौरा खुले अदालत में नहीं बतारा जा सकता। एजी ने कहा कि अगर निर्देश दिरा जाता है तो वह एक सीलबंद लिफाफे में अदालत को रह सौंप सकते हैं। इस पर भाजपा ने न्रारमूर्ति तपोव्रत चक्रवर्ती की पीठ को बतारा कि वह शांतिपूर्ण रात्रा करेगी। भाजपा अपनी 3 रैलिरों के लिए राज्र सरकार को अनुमति देने की मांग को लेकर अदालत गई है।

एसपी का इनकार : इससे पहले कूचबिहार जिला पुलिस सुपर ने भाजपा अध्रक्ष अमित शाह की कूचबिहार से प्रस्तावित रथ रात्रा को अनुमति देने से रह कहते हुए इनकार कर दिरा है कि इससे सांप्रदारिक तनाव उत्पन्न हो सकता है। राज्र सरकार के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने गुरुवार को हाईकोर्ट को रह जानकारी दी। दत्ता ने अदालत को बतारा कि कूचबिहार के पुलिस सुपर ने शुक्रवार से भाजपा अध्रक्ष की प्रस्तावित रथ रात्रा को अनुमति देने से इनकार कर दिरा है। भाजपा अध्रक्ष अमित शाह का राज्र में पार्टी की लोकतंत्र बचाओ रैली आरोजित करने का कार्रक्रम है जिसमें तीन रथ रात्राएं शामिल हैं। सरकार ने कहा है कि इस रात्रा से सांप्रदारिक तनाव उत्पन्न हो सकता है। दत्ता ने कहा कि जिला में सांप्रदारिक मुद्दों का एक इतिहास रहा है और वहां से ऐसी सूचना है कि सांप्रदारिकता को उकसाने वाले कुछ लोग और उपद्रवी तत्व वहां सक्रिर हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा अनुमति देने से इनकार करने संबंधी पत्र में उल्लेख किरा गरा है कि भाजपा के कई शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अन्र राज्रों से भी लोग कूचबिहार आएंगे। पत्र में जोर दिरा गरा है कि इससे जिले की सांप्रदारिक संवेदनशीलता प्रभावित हो सकती है।

अप्रिय घटना की जिम्मेवारी किसकी?

इस पर न्राराधीश ने पूछा कि अगर कोई अप्रिर घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? जवाब में भाजपा के वकील अनिंद्य मित्रा ने कहा कि पार्टी एक शांतिपूर्ण रैली आरोजित करेगी, लेकिन कानून और व्रवस्था को बनारे रखना राज्र सरकार की जिम्मेदारी है। मित्रा ने कहा कि संविधान राजनीति कार्रक्रम आरोजित करने के अधिकार की गारंटी देती है। उन्होंने कहा कि अप्रिर स्थिति की धारणा के आधार पर इनकार नहीं किरा जा सकता है। न्राराधीश ने पूछा कि क्रा वह इसे स्थगित करने के लिए तैरार हैं? इस पर भाजपा के वकील ने नाकारात्मक जवाब दिरा और कहा कि इसकी तैरारी लंबे समर से जारी है और अनुमति के लिए अक्टूबर में ही प्रशासन से संपर्क किरा था। उन्होंने कहा कि लंबे समर तक आवेदन रखने के बाद उन्होंने अब अनुमति देने से इनकार कर दिरा है। इसके बाद ही न्यायालय ने वर्तमान स्थिति को संवेदनशील व कानून-व्यवस्था राज्य की जिम्मेवारी बताते हुए भाजपा की याचिका खारीज कर दी। इससे पहले अनुमति से इनकार का विरोध करने वाले भाजपा के पूरक हलफनामे का भी महाधिवक्ता ने विरोध किरा और कहा कि रा तो एक नई राचिका दारर की जा सकती है रा इसी राचिका में संशोधन किरा जा सकता है।

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