जमीन माफिया, पुलिस व भू-विभाग कर्मी सावधान हों : ममता

-कहा, व्यक्तिगत व सरकारी जमीन दखल करने से बचें
-आदेश, कड़ाई से निपटेंगी सरकार, किसी को राहत नहीं
कोलकाता/सिलीगुड़ी : विपक्षी दल राज्य में लगातार जमीन माफियाओं संग पुलिस व भू विभाग के अधिकारियों के बीच साठगांठ के गंभीर आरोप लगाते आ रहे हैं। पुलिस व भू विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से निजी व सरकारी जमीन पर कब्जा करने की शिकायत लगातार विभिन्न जिलों से आ रही है। अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस आरोप को गंभीरता से ली है तथा उन्होंने इस अवैध मिलीभगत को तोड़ने के लिए कठोर कदम उठाने का निर्णय किया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने जमीन माफियाओं संग पुलिस व भू विभाग के अधिकारियों के बीच साठगांठ की कमर तोड़ने के लिए कड़े आदेश दिए। सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन माफियाओं संग पुलिस व भूमि विभाग के अधिकारियों की लिप्तता की खबर आ रही है, जो काफी चिंता का विषय है तथा सरकार इससे कड़ाई से निपटेगी। उन्होंने कहा साठगांठ तोड़ने के लिए सरकार किसी को भी राहत नहीं देगी तथा किसी के साथ भेदभाव भी नहीं करेगी।
उत्तर बंगाल के दौरे पर बुधवार को सिलीगुड़ी में उत्तरकन्या में अलीपुरद्वार के प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि उनके पास पक्की खबर है कि कुछ जमीन माफिया जमीन दखल कर रहे हैं। वे व्यक्तिगत जमीन के साथ ही सरकारी जमीन भी पर दखल कर रहे हैं। पूरा माफिया राज चल रहा है। लेकिन हमारी पार्टी ऐसा कुछ नहीं चाहती तथा इसे कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाय। इस साठगांठ में पुलिस व भू विभाग के कर्मियों की मिलीभगत का संकेत देते हुए ममता ने कहा कि इसमें ये लोग भी लिप्त हो रहे हैं। लेकिन किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी। सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि आखिर कोई इतना रुपया क्या करेगा??उन्होंने पूछा कि गलत व गैर कानूनी तरीके से इतनी रकम कमा कर क्या करेंगें? क्या खाएंगे? जीवन यापन के लिए कितने रुपए की जरुरत होती है?
कोयला-जमीन में माफियाराज नामंजूर ः मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोयला हो या जमीन, किसी में भी माफिया राज नहीं नहीं चलने दूंगीं। दार्जिलिंग व जलपाईगुड़ी में बड़े पैमाने पर जमीन दखल होने का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि दोनों स्थानों से ऐसी शिकायत मिली है। जांच जारी है। पुलिस को आदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एंटी करप्शन ब्रांच को तत्काल दोषियों को रंगे हाथ गिरफ्तार करना चाहिए। किसी को भी छूट नहीं मिलनी चाहिए। ममता ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन जनता की है। यह जनता की भलाई में इस्तेमाल होता है। उन्होंने पुलिस से कहा कि जो भी इस गैर-कानूनी हरकत में लिप्त हैं, उनके खिलाफ तत्काल सिविल व फौजदारी मामले दर्ज किए जाएं। अगर किसी मामले में कोई अधिकारी भी लिप्त मिलता है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें भी गिरफ्तार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग समझते हैं कि स्थानांनतरण होकर अन्यत्र चले जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं होगा। भ्रष्टाचार में लिप्त होने पर तलाश कर उन्हें सजा होगी। मुख्यमंत्री ने बीएलआरओ व एसडीएलआरओ को सावधान करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से वे बचेें, क्योंकि उनकी बड़ी जिम्मेवारी है। जमीन रजिस्ट्री से पहले वे पूरी पड़ताल करें कि किसकी जमीन है तथा कौन ले रहा है??

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