बंद चाय बागानों के मुद्दे पर ममता ने केंद्र पर साधा निशाना

-कहा, 7 बागानों के अधिग्रण पर फेल रही सरकार
कोलकाता/सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल के दौरे के दौरान गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चाय बागानों की मौजबदा हालात को लेकर विशेष बैठक की। बैठक बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने को हरी झंडी दिखा दी है तथा चाय उद्योग की सभी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अगुवाई में ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गठन किया है। साथ ही केंद्र पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने 7 चाय बागानों के अधिग्रहण के बारे में किए वादे पूरा नहीं करने पर उसे कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह वादा एक केंद्रीय मंत्री ने 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक फायदा के लिए किया था जो आज तक पूरा नहीं हुआ। मालिकों ने कानून की से चाय बागानों को परित्यक्त(एबंडंड) घोषित करवा लिया और मनमानी कर रहे।

होगी कानूनी कार्रवाई : बैठक के बाद उत्तरकन्या में पत्रकारों से बातचीत में ममता ने कहा कि कुछ ट्रेड यूनियन राजनीतिक लाभ के लिए चाय बागानों में फिर से बंद की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 2016 में 7 चाय बागानों के अधिग्रहण का वादा किया था जो पूरा नहीं हुआ। मालिकों ने कानून की मदद ली तथा चाय बागानों को परित्यक्त(एबंडंड) घोषित करवा दिया। इससे श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई। केंद्र को नोटिफिकेशन वापस लेना चाहिए। ममता ने कहा कि कुछ मालिक परित्यक्त चाय बागान कुछ दिन खुला रखते हैं, फिर बंद कर देते हैैं। यह मनमानी नहीं चलेगी।

एक्सपर्ट कमेटी बनाई : मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने समस्या के समाधान के लिए मुख्य सचिव मलय कुमार दे के नेतृत्व में एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई है जो समस्या की बारीक अध्ययन व समाधान से संबंधित रिपोर्ट 3 माह में देगी। उन्होंने कहा कि चाय बागानों में 2.72 लाख श्रमिक तथा 8 लाख से अधिक गैर श्रमिक लोग रहते हैं। परित्यक्त चाय बागानों के मालिकों को सावधान करते हुए ममता ने कहा कि सरकार जल्द ही बंद बागानों का ठेका(लीज) खत्म कर उनकी नीलामी कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों का पीएफ व ग्रेच्युटी नहीं देने वालों मालिकों के खिलाफ भी सरकार कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने दावा किया कि पहाड़ में शांति लौटी है। वहां लोग शांति से खुश हैं तथा पहाड़ में सरकार भानू भक्त आचार्य की जयंती मनाएगी।

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