समाज्ञा

मां की गोद बनी शिशु का सुरक्षा कवच – कोलकाता

कोलकाता, समाज्ञा
एक मां हर परिस्थिति में अपनी संतान को सुरक्षित रखने का अटूट प्रयास करती है। ऐसे ही एक मां ने अपनी संतान को न केवल मौत के मूंह से बचाया बल्कि उसे एक खरोंच तक नहीं आने दी। हम बात कर रहे हैं माझेरहाट ब्रिज ढहने के हादसे में सही सलामत अपने 9 महीने के शिशु के साथ बच कर निकलने वाली श्रद्धा की। माझेरहाट ब्रिज के ढहने के बाद उसके साथ नीचे गिरी गाड़ियों में से एक गाड़ी में श्रद्धा अपने 9 महीने के शिशु के साथ सवार कर रहीं थी। फिलहाल वह और उसका शिशु दोनों सुरक्षित हैं, मगर श्रद्धा अभी भी इस सदमे से उभर नहीं पाई है। घटना के संबंध में श्रद्धा के पति ने समाज्ञा से बात की। उसने बताया कि बड़ाबाजार स्थित अपने मायके से पर्णश्री स्थित अपने ससुराल आ रही थी। उसने ब्रेबॉर्न रोड से एक कैब लिया और पर्णश्री की ओर रवाना हो गयी। इस दौरान माझेरहाट ब्रिज पर अचानक ड्राइवर ने जोर से ब्रेक लगायी और गाड़ी रोक दिया। इस दौरान गाड़ी भयावह तरीके से हिल रही थी। और साथ ही पीछे की ओर जा रही थी। श्रद्धा को पहले लगा कि ड्राइवर रश ड्राइविंग कर रहा है, तो उसने ड्राइवर को गाड़ी ठीक से चलाने को कहा। फिर गाड़ी हिलता देख उसे लगा कि भूकंप आया है। तभी ड्राइवर ने बताया कि ब्रिज ढह रहा है। यह सुन श्रद्धा ने अपने 9 महीने के संतान को अपनी गोद में छिपा लिया और झुक गयी। तभी ब्रिज का उक्त हिस्सा नीचे ढह गया। एक तेज आवाज आई, सामने धुआँ छा गया। तभी श्रद्धा ने देखा कि ब्रिज पूरी तरह से ढह गयी है। उसके आसपास का मंजर बेहद खौफनाक था। उसने इसमें भी पहले अपने शिशु को ड्राइवर के हाथों में देकर बाहर निकाला। इसके बाद वह किसी तरह गाड़ी से बाहर निकली। यहां उसने अपने पति को फोन किया और घटना की जानकारी दी। उसके पति ने उसे कहा जल्द से जल्द वहां से निकलने की सलाह दी। इसके बाद वह बर्दवान रोड होकर सुरक्षित अपने बच्चे के साथ बाहर निकली। इस घटना से श्रद्धा की रीढ़ की हड्डी पर हलकी चोट आई है, मगर उसने अपने बच्चे के शरीर पर एक खरोच तक नहीं आने दी।