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मुम्बई पुलिस महाराष्ट्र की एक महिला के पारिवारिक जीवन में दखल न दे: कलकत्ता उच्च न्यायालय

कोलकाता – कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आज मुम्बई पुलिस को महाराष्ट्र की एक महिला के पारिवारिक जीवन में दखल नहीं देने का निर्देश दिया जिसने पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति से शादी की है। इस शादी के बाद महिला के माता-पिता ने मुम्बई पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज करायी है।

अंतरिम आदेश में न्यायमूर्ति देबांगशू बसाक ने दर्शिनी भूटा के माता-पिता को उसकी याचिका पर दो हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। दर्शिनी ने दरख्वास्त किया है कि मुम्बई पुलिस उसकी शादी के सिलसिले में जांच बंद करे।

उसके माता-पिता ने उच्च न्यायालय में यह दावा करते हुए उसका विरोध किया कि उनकी बेटी को अगवा कर लिया गया और गलत तरीके से उसे बंधक बना कर रखा गया है।

न्यायमूर्ति बसाक ने मुम्बई पुलिस को दर्शिनी के माता-पिता की शिकायत के संदर्भ मे अगले आदेश तक दर्शिनी और उसके पति के विरुद्ध कोई कदम न उठाए।

दर्शिनी इस अनुरोध के साथ उच्च न्यायालय पहुंची थी कि मुम्बई पुलिस उसके पति शंकर चक्रवर्ती के खिलाफ जांच और सभी कार्यवाही बंद करे जिस पर अपहरण और गलत ढंग से बंधक बनाने का आरोप है।

दर्शिनी के वकील के अनुसार उनकी मुवक्किल और चक्रवर्ती ने पांच अक्तूबर को शादी की थी और वह उत्तरी 24 परगना जिले के खारदाह में अपनी ससुराल में पति के साथ रहने आ गयी।