समाज्ञा

नए साल के जश्‍न और क्रिसमस के लिए करने वाले थे चरस सप्लाई

अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लायर के 3 सदस्य गिरफ्तार , मादकों की किमत 15 लाख से ज्यादा,  नाइट क्लबों के डीजे भी शामिल 
कोलकाता, समाज्ञा
क्रिसमस और नए साल के जश्‍न में चरस की सप्लाई करने कोलकाता पहुंचा एक ड्रग कंसाइमेंट नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के हाथ लगा है। पुलिस ने कुल 2.5 किलो चरस जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बतायी जा रही है। पुलिस ने इस मामले में एक ड्रग व्यवसायी और एक डीजे समेत एक अन्य को गिरफ्तार किया है। एनसीबी कोलकाता जोनल यूनिट के मुख्य निदेशक दिलीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में इसकी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने सियालदह स्टेशन के पास स्थित बिग बाजार के पास से आरोपी को पकड़ा गया है। इनके नाम हेनरी लॉरेंस मन्ना, रॉबर्ट डिक्शन और डीजे निखिल लाखवानी है।
पुलिस के मुताबिक, एक मुखबिर ने सूचना दी थी कि एक पेड्रो नाम का एक व्यक्ति दिल्ली से चरस की सप्लाई करने सियालदह जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने सियालदह स्टेशन पर चेकिंग कड़ी कर दी और आरोपी को उसके साथी समेत पकड़ लिया। इनमें से निखिल पार्क स्ट्रीट इलाके के नाइट क्लबों में डीजे है। लॉरेंस बेनियापुकुर का जबकि रॉबर्ट बॉलीगंज का रहने वाला है। गिरफ्तारी के समय इनके पास से दो किलो चरस बरामद किया गया एवं पूछताछ के बाद रॉबर्ट के घर से और 450 ग्राम अतिरिक्त चरस बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नए साल के जश्‍न में खपाने के लिए उसे चरस सप्लाई करने का ऑर्डर मिला था। हालांकि, बेचने वालों का नेटवर्क छोटा है और नार्कोटिक्स ब्यूरो कई महीनों से इनके पीछे लगा था, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि खरीदारों की भीड़ ज़्यादा है। इसके खरीदारों में वकील, डॉक्टर और छात्र भी शामिल हैं। बता दें कि कोलकाता के पार्क स्ट्रीट में नए साल का जश्‍न होता है। इस दौरान एलएसडी जैसे ड्रग्स की काफी तस्करी होती है। सूत्रों के अनुसार, कोलकाता के तीन नाइट क्लबों पर नार्कोटिक्स ब्यूरो की खास नजर है। आने वाले समय में बड़े खुलासे भी हो सकते हैं।
शुरुआती पूछताछ में इनसे पता चला है कि उक्तमादक पदार्थ उक्त लोग हिमांचल प्रदेश के कुल्लू से लाते थे। डीजे निखिल के साथ पुलिस को टॉलीवुड के कई अभिनेता और अभिनेत्रियों के फोटों मिले है। बहरहाल यह नहीं कहा जा सकता है कि मादक के कारोबार में टॉलीवुड के उक्त अभिनेता और अभिनेत्रियों के हाथ या लिंक है या नहीं लेकिन पुलिस ने उक्त बात को सिरे सा खारिज भी नहीं किया है। सूत्रों का कहना है कि हो सकता है कि मामले में अभिनेता और अभिनेत्रियों से पूछताछ हो तो हैरत नहीं होगी।

एनसीबी की टीम ट्रेन से ही कर रही थी पीछा : एनसीबी के अधिकारी ने बताया कि चरस को लेकर लॉरेस जब हिमांचल से चला था तभी से एनसीबी की टीम उसके पीछे लग गई थी। सियालदह स्टेशन पर उतरने के बाद टीम ने उसका पीछा किया और बिगबाजार के पास उसने जैसे ही रॉबर्ट को चरस से भरा बैग दिया, दोनों को धर दबोचा गया। इनसे पूछताछ के बाद डीजे निखिल के बारे में जानकारी मिली और पार्क स्ट्रीट इलाके से उसे भी गिरफ्तार किया गया। पता चला है कि 6-7 महीने से ये लोग लगातार एक साथ मिलकर काम करते रहे हैं।
डीजे चरस को बेचवाने में करता था मदद : इनमें से रॉबर्ट और लॉरेंस चरस लाते थे तथा डीजे निखिल इनके व खरीदने वाले लोगों के बीच बिचौलिया का काम करता था। दरअसल पार्क स्ट्रीट इलाके के नाइट क्लबों में वह डीजे है। इन क्लबों में आने वाले लोगों में से चरस की तलाश में लगे लोगों को वह टार्गेट करता था तथा उन लोगों को रॉबर्ट से मिलवा देता था। पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि इन लोगों के तार मादक तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े हैं। इन तीनों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कोलकाता के किन-किन लोगों को ये चरस आदि बेचा करते थे।