राज्य में मोमो चैलेंज के खिलाफ एक भी शिकायत दर्ज नहीं – सीआईडी

मोमो चैलेंज के मैसेज फर्जी : सीआईडी

कोलकाता, समाज्ञा

राज्य में जहां एक ओर ब्लू ह्वेल गेम के बाद लोग मोमो चैलेज से आतंकित हैं, वहीं दूसरी ओर सीआईडी का कहना है कि यह केवल अफवाह है, यह यूं कहे कि यह एक फर्जी तरीका है लोगों को डराने व धमकाने का।

डीआईजी, मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सीआईडी निसात परवेज ने बताया कि पूरे राज्य में मोमो चैलेंज के खिलाफ एक भी शिकायत दर्ज नहीं की गयी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जांच के अनुसार मोमो चैलेंज से अभी तक किसी की जान नहीं गयी है। उनका कहना है कि मोमो चैलेज के नाम से लोगों के मन में खौफ पैदा करने की कोशिश की जा रही है। मोमो चैलेंज से जुड़े कुछ जानकारियों को राज्य के सभी जिलों के थानों में भेज दिया गया है। मोमो चैलेंज से जुडी कोई भी शिकायत दाने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं पत्रकारों द्वारा कुछ मोमो चैलेंज के संबंध में कुछ थानों में दर्ज की गयी शिकायत के विषय पर सवाल पूछे जाने पर परवेज ने बताया कि उनके पास अब तक इस बात की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि सच में मोमो चैलेंज के मैसेज फर्जी हैं या नहीं। उनका मानना है कि संभवत: कोई जान पहचान का व्यक्ति यह काम कर रहा है ताकि शिकार को डराधमका सके और उसके जरिए अपना फायदा निकाल सके। ऐसी ही एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में एक युवक ने अपने पिता से रुपये एंठने के लिए उसे इस तरह के मैसे किये थे, मगर बाद में उसका भंडाफोड़ हो गया। वहीं पश्‍चिम बंगाल सीआईडी विभाग मोमो गेम से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है। कई जगहों पर लोगों को जागरूक करना शुरू भी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि राज्य के विभिन्न इलाके के थानों, स्कूल, अभिभावकों में मोमो चैलेंज के खिालफ जगरूकता फैलाई जा

रही है।

डराने के लिए कोई भी भेज सकता है मैसेज!

हाय! आई एम मोमो खुद को मोमो बता कर कोई भी किसी को भी मोमो चैलेंज का मैसेज भेज सकता है। डीआईजी सीआईडी निशात परवेज ने बताया कि अगर किसी के पास कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की अच्छी जानकारी हो तो वह व्यक्ति आसानी से किसी को भी मोमो के नाम से मैसेज भेज सकता है।

उन्होंने एक प्रशिक्षण किया और दिखाया कि उनके मोबाइल पर ठीक वैसा ही मैसेज आया है जैसा की बताया जा रहा है। वह मैसेज उन्हीं के परिचित द्वारा तैयार किया गया और उन्हें भेजा गया।

परवेज ने बताया कि जिस नंबर से मैसेज आने की बात कहीं जा रही है वह एक वर्चुअल नंबर है जिसका कोई अस्तित्व नहीं है और न ही कोई सिम कार्ड। यह एक ऑटो जेनरेटेड नंबर है जिसे देख लगता है कि वह विदेश का नंबर है।

इस नंबर को कोई भी टेक सैवी (कंप्यूटर व किसी भी इलेकट्रोनिक टेकनोलॉजी की संपूर्ण जानकारी रखने वाला) तैयार कर सकता है। इस मैसेज को केवल लोगों को डराने के लिए किया जा रहा है ताकि लोग डरे और उनसे खुद का फायदा उठाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अभी तो जितने भी लोग सामने आए हैं उन्होंने केवल यहीं कहा है कि मोमो के नाम से उन्हें एक मैसेज आया है और गेम खेलने का प्रस्ताव दिया गया है। मगर अखिर वह गेम कैसे खेला जाता है और उसकी पद्यति क्या है इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

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