नो सेल्फी, दिलीप घोष का फरमान

कोलकाता ः पश्‍चिम बंगाल में अभी भी भाजपा के पैर मजबूती से नहीं जमे हैं, लेकिन प्रदेश व अन्य नेताओं में सेल्फी खींचने की लकक दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। नेतागण ये सेल्फी सोशल मीडिया फेसबुक व ट्वीटर पर लगातार पोस्ट कर रहे हैं। इससे पार्टी व सभाओं के वक्ताओं के भाषणों पर कम स्वयं पर नेताओं की नजर अधिक रहती है। पार्टी को इससे नुकशान हो रहा है। इसलिए प्रदेश भाजपा ने नेताओं को सेल्फी खींचने से रोकने के लिए जल्द ही एक निर्देशिका जारी करने का फैसला किया है। केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद ही यह लागू हो जाएगा। इस बीच बुधवार को प्रदेश महिला मोर्चा की एक कार्यशाला में प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने स्पष्ट तौर पर नेताओं व कार्यकर्ताओं को फरमान  दिया कि वे सेल्फी के प्रति आसक्त न हों तथा अपना ध्यान पार्टी के प्रचार/प्रसार पर लगाएं।

घोष ने कार्यशाला में बोलते हुए सवाल किया कि आप सेल्फी क्यों खींचते हैं??क्या सेल्फी खींच कर फेसबुक पर देंगे? उन्होंने नेताओं से कहा कि ऐसे कार्य के लिए राजनीतिक दल नहीं हैं। अगर सेल्फी(तस्वीर) खींचना ही आवश्यक है तो पार्टी करने की कोई जरुरत नहीं है। उन्होंने नेताओं व कार्यकर्ताओं को परामर्श दिया कि वे स्वयं उस स्थान पर ले जाएं कि उन्हें सेल्फी खींचने की जरुरत न पड़े बल्की लोग उनकी तस्वीर खींचे। मालूम हो कि अक्सर भाजपा की सभाओं व बैठकों में देखा जा रहा है कि नेतागण वक्ताओं के भाषणों पर ध्यान के बजाए सेल्फी खींचने में व्यस्त रहते हैं। यहां तक सबसे पहले सेल्फी फेसबुक पर पोस्ट करने की भी होड़ देखी जा रही है। माना जा रहा है कि प्रदेश भाजपा नेताओं ने इसे गंभीरता से लिया है तथा इसे रोकने के लिए पार्टी की ओर से जल्द ही निर्देशिका जारी किया जा सकता है। कार्यशाला में राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया राह्तकर, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी व अन्य महिला नेत्री उपस्थित थीं।

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