ममता पर बरसे प्रधानमंत्री मोदी

राज्य में चल रहा है सिंडिकेट राज

मिदनापुर, समाज्ञा

किसान को लाभ नहीं, गरीब का विकास नहीं, नौजवान को रोजगार का अवसर नहीं। केवल पार्टी का विकास ही पश्‍चिम बंगाल सरकार की नीति बन गई है। पश्‍चिम मिदनापुर की सरजमीं से सोमवार को कुछ इसी अंदाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी की सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मां, माटी, मानुष की बातें करने वालों का पिछले 8 सालों में असली चेहरा सामने आ चुका है। उनका सिंडिकेट बंगाल के हर किसी को भली भांति पता चल गया है। यह सिंडिकेट है जबरन वसूली का, यह सिंडिकेट है किसानों के लाभ को छीनने का, यह सिंडिकेट है अपने विरोधियों की हत्या करने का षड्यंत्र करने का, यह सिंडिकेट है गरीबों पर अत्याचार करने का। अपने वोट बैंक के लिए सत्ता को कैसे भी बनाए रखने के लिए, अपने राजनीतिक सपने को पूरा करने के लिए बंगाल की सरकार गैरकानूनी कामों में जुटी हैं। मोदी ने कहा कि पश्‍चिम बंगाल की महान परंपराओं को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। यहां पूजा भी मुश्किल में है। सिंडिकेट की मर्जी के बिना पश्‍चिम बंगाल में कुछ भी करना मुश्किल हो गया है। नई कंपनी खोलनी हो, नया अस्पताल खोलना हो, नया स्कूल, नई सड़क, कुछ भी बनाना हो, बिना सिंडिकेट को चढ़ावा चढ़ाए नहीं हो सकता। सिंडिकेट तय कर रहे हैं कि किस से यहां सामान खरीदें, किस की दुकान से कॉन्ट्रैक्टर माल लेगा, सीमेंट कहां से आएगा, कंकड़ कहां से आएगा, बालू कहां से आएगी, लकड़ी कहां से आएगी? यह भी सिंडिकेट तय करता है। किसान अपनी फसल कहां बेचे, यह सिंडिकेट तय करता है। कितने में बेचे, सिंडिकेट तय करता है। अगर कॉलेज में दाखिला लेना है तो सिंडिकेट को चढ़ावा दिए बगैर दाखिला नहीं मिलता। चिटफंड से लेकर आलू बांड तक क्याक्या कारनामे चलते हैं। यह सब कुछ सिंडिकेट की इच्छा से चलता है। मिदनापुर की जनसभा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल की सरकार ने विगत 8 सालों में पश्‍चिम बंगाल का हाल 35 सालों के वाम मोर्चा शासन से भी बदतर बना दिया है। उन्होंने कहा यह बंगाल भली भांति जानता है कि दशकों से वामपंथी शासन ने पश्‍चिम बंगाल को जिस हालत में पहुंचाया, वर्तमान सरकार ने उसे और बदतर बना दिया। छोटे उद्यमी हों या बड़े कारोबारी, उनके लिए पार्टी और प्रशासन के बीच में कोई फर्क नहीं है। प्रशासन कानून के अनुसार नहीं बल्कि पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए काम करता है, इसीलिए बंगाल में दिनोंदिन उद्योग बंद हो रहे हैं और कोई भी यहां आना नहीं चाहता। दरअसल यहां लोकतांत्रिक सरकार नहीं बल्कि यहां सिंडिकेट राज चल रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जिस तरह से त्रिपुरा में लंबे अरसे बाद आमूलचूल परिवर्तन हुआ है उसी तरह से बंगाल के लोग तृणमूल के सरकार को सत्ता से हटाएं।

राज्य के हालात वाम मोर्चा सरकार से भी बदतर: ममता सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि जहां राज्य में हालात वाम मोर्चा सरकार से भी बदतर हो गए हैं, वहीं सरकार वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति में मशरूफ है। पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। उसी के कारण उनकी यह दुर्दशा हुई है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार किसान हित में ही सोचती है और योजनाएं बनाकर उन्हें अमलीजामा पहना रही है। इसी क्रम में हाल ही में खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाया गया है। हमारी सरकार किसानों की सरकार है और किसान हमारे अन्नदाता हैं।

मेरे स्वागत में ममता दीदी ने पोस्टर लगवाएः मोदी रैली की शुरुआत करते हुए पीएम ने ममता बनर्जी का शुक्रिया भी अदा किया। उन्होंने कहा कि मेरे स्वागत में ममता दीदी ने जो पोस्टर लगवाए हैं। उनके लिए मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं। बता दें की पीएम की रैली के मद्देनजर शहर में प्रशासन की ओर से बैनर्स और पोस्टर्स लगवाए गए थे। मोदी ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तथा उनके कार्यकर्ताओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनका इसलिए भी आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने स्वयं सत्कार में हाथ जोड़े मुद्रा में प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए चारों तरफ अपनी होर्डिंग्स लगाई हैं। किसानों के लिए मैंने इतना बड़ा फैसला किया है कि तृणमूल को भी मेरे स्वागत में झंडे लगाने पड़े। यह भारतीय जनता पार्टी की नहीं बल्कि किसानों की विजय है।

साथ ही नरेंद्र मोदी ने इस रैली में पहुंचे लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं आप लोगों का आभारी हूं कि आप लोग कल रात में फुटबॉल मैच देखने के बाद आज इतनी बड़ी संख्या में यहां सुनने के लिए आए हैं।

पंचायत चुनाव को लेकर ममता सरकार पर बोला हमला : पीएम मोदी ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में भाजपा के दलित कार्यकर्ताओं की हत्या कराई गई। उन्होंने गहरी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि यहां पूजा करने का अधिकार नहीं है बल्कि बंगाल की महान परंपरा को वोट बैंक के लिए खत्म किया जा रहा है। जिस भूमि से वंदेमातरम की शुरुआत हुई, उसी भूमि पर तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम का बारबार अपमान होता है। क्योंकि तृणमूल लोकतंत्र में विश्‍वास नहीं करती है। यही वजह है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को समयसमय पर इस सरकार को फटकार लगानी पड़ती है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि अगर त्रिपुरा राज्य सिंडिकेट को ध्वस्त कर सकता है तो बंगाल क्यों नहीं?

 

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