ममता ने की निजी शैक्षणिक संस्थानों की मनमानी पर लगाम लगाने की दिशा में पहल

निजी शिक्षण संस्थानों के साथ की बैठक

ममता ने डोनेशन-फी पर उठाये सवाल

-सीएम ने कहा, तत्काल रोकें मनमानी

-पूछा, एक ही मद में बार-बार फी क्यों

-सवाल, सेशन फी व फी अलग-अलग क्यों

कोलकाता :  निजी अस्पतालों के मनमाने बिलों पर लगाम लगाने के लिए सदन में बिल पारित करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निजी शैक्षणिक संस्थानों की मनमानी पर लगाम लगाने की दिशा में पहल की है। बुधवार को टॉउन हॉल में निजी शैक्षणिक संस्थानों के संचालकों के साथ बैठक में उन्होंने उनसे सवाल किया कि निजी स्कूलों के खिलाफ मनमाना डोनेशन लेने व एक ही मद में बार-बार फी लेने की शिकायतें मिल रही हैं। इसे तत्काल रोकना होगा। उन्होंने पूछा कि ऐसी शिकायतें क्यों मिल रही है? मुख्यमंत्री ने महानगर के कम से कम 3 संस्थानों के अधिकारियों पर सवालों की बौछार करते हुए उन्हें बेजुबान कर दिया। ममता ने महानगर के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के अधिकारी से सवाल किया कि आप लोग सेशन फी व फी अलग-अलग क्यों लेते हैं?एक अन्य संस्थान के अधिकारी से मुख्यमंत्री ने पूछा कि आप लोग बा.कॉम (ऑनर्स) के लिए 5-5 लाख रुपए तक की डोनेशन लेते हैं, इसे रोकना होगा। उन्होंने एक दूसरे संस्थान के प्रतिनिधि से मुख्यमंत्री ने कहा कि आप दावा करते हैं कि हम डोनेशन नहीं लेते हैं। पर आपके संस्थान में दाखिले के लिए डोनेशन का रैकेट चलता है। इसकी खबर है? इसे आपको(संस्थान) ही बंद करना होगा।

सेल्फ रेगुलेटरी कमिशन :  मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल शिक्षा का हब है। हम चाहते हैं कि यहां की प्रतिभा और बढ़े। इसके लिए हमने(सरकार) ने एक सेल्फ रेगुलेटरी कमिशन गठित करने का फैसला किया है। कमिशन में शिक्षा विभाग, पुलिस व महानगर के शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कमिशन फी ट्रक्चर की निगरानी करेगा। हर जिले से एक प्रतिनिधि कमिशन में होगा। मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों को अपना वेबसाइट शुरू करने का परामर्श देते हुए कहा कि इसके माध्यम से अभिभावक अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे।

रुपए से मेधा की बराबरी नहीं : शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री ने कहा कि रुपए से मेधा की बराबरी नहीं की जा सकती है। कुछ स्कूल किताब व ड्रेस खरीदने के लिए छात्रों को बाध्य करते हैं। डोनेशन व फी के नाम पूरी तरह अंधेरगर्दी मची है। फी व सेशन फी पर सवाल दागते हुए ममता ने पूछा कि दोनों अलग-अलग क्यों लिए जाते हैं??उन्होंने कहा कि हम किसी पर कुछ भी थोपना नहीं चाहते, लेकिन बंगाल में रहने वालों को बंग्ला आना चाहिए। इसीलिए त्रिभाषा की प्रणली शुरू की है।

13 जुलाई को अलीपुर में  : ममता बनर्जी ने कहा कि 13 जुलाई को वे अलीपुर पहुंचेगीं। वहां वे इस साल के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के शीर्ष विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगीं। ममता ने दावा किया कि बंगाल शिक्षा के माध्यम में सबसे सबसे आगे है, जस पर हमें गर्व है। उन्होंने कहा कि यहां 12,500 स्कूल हैं जिसमें लाखों की संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं। हम चाहते हैं कि बंगाल के विद्यार्थी दुनिया जीतें। वे हमारे लिए गर्व हैं।

कमिशन के सदस्य  :  निजी शैक्षणिक संस्थानों की डोनेशन व फी संबंधी मनमानी रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने बुधवार को सेल्फ रेगुलेटरी कमिशन का गठन किया। कमिशन में महानगर के नौ स्कूलों के प्रतिनिधि, राज्य के डीजीपी, कोलकाता के सीपी, महानगर के दोनों बिसप, दार्जिलिंग के बिसप के अलावा जिलों के शिक्षा प्रतिनिधि शामिल होंगे। कमिशन की प्रति 4 माह पर बैठक होगी जो सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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