महानगर में दिखा सन हेलो

कोलकाता : सूर्य के चारों ओर बने इंद्रधनुषी मण्डल ने महनगर के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस अद्भुत घटना को खगोल शास्त्र में हेलो या इंद्रधनुषी वलय कहा जाता है। महानगर के लोगों ने बुधवार को सूर्य के चारों ओर इंद्रधनुषी वलय देखा। महानगर व उसके निकटवर्ती क्षेत्रों में भी वर्ष 2013 और 2016 में 22 डिग्री का वलय देखा गया था। कई दफे वलय का निर्माणचक्रवाती तूफान का लक्षण भी होता है।

क्या है सन हेलो या इंद्रधनुषी मण्डल ?

सन हेलो या इंद्रधनुषी मण्डल एक साधारण खगोलीय घटना है। यह पृथ्वी के वातावरण में तैयार बादलों में मौजूद पानी या बर्फ के कणों पर सूर्य की रोशनी पड़ने से तैयार होता है। वलय तभी देखा जा सकता है जब सूर्य 22 या 45 डिग्री कोण पर हो। 22 डिग्री के वलय को सरकुलर हेलो कहा जाता है। बर्फ पर सूरज की किरणें पड़ने पर किरणें कई रंगों में विभक्त हो जाती हैं। ऐसा वलय सूर्य के साथ चंद्रमा के पास भी दिखता है। ऐसे वलय को निम्बस या आइसबो भी कहते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि 365 दिन में 100 दिन ऐसे वलय तैयार होते हैं।

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