बंगाल में कोई भूखा नहीं : ममता

कहा, कोई बिना खाए नहीं मरा

दावा, उम्र व बीमारी से हुई मौतें

कोलकाता : राज्य में भूख से कथित मौत की खबर सामने आने के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए मुख्रमंत्री ममता बनर्जी ने उन खबरों को मनगढंत बताकर खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि वृद्धावस्था की बीमारिरों रा ज्रादा शराब पीने के कारण ही ये मौते हुई। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में कोई भी बिना खाए नहीं मरा है। मालूम हो कि पिछले सप्ताह खबरों में कहा गरा था कि भूख से झाड़ग्राम जिले के जंगलमहल इलाके में सबर समुदार के सात लोगों की कथित मौत हो गई। इस पर विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्र सरकार ने राज्र में प्रत्रेक गरीब आदमी को अनाज मुहैरा करारा है। किसी के बिना खारे मरने की खबर गलत व मनगढंत है।

उन्होंने कहा कि भूख से सबर समुदार के लोगों की मौत की खबरें पूरी तरह निराधार और मनगढंत है। भूख से बंगाल में किसी की मौत नहीं हुई। हम इस राज्र में, उत्तर में पहाड़ से लेकर दक्षिण में जंगलमहल तक प्रत्रेक गरीब व्रक्ति को निःशुल्क चावल और गेहूं मुहैरा कराते हैं। सभी को 4 किलो चावल 3 किलो गेंहू मिलता है। उन्होंने कहा कि इस खबर से आदिवासियों में काफी गुस्सा है। उन्होंने थाने में प्राथमिकी भी दर्ज की है तथा कहा है कि इससे उनके समुदान का अपमान हुआ है। मालूम हो कि सबर समुदार के लोग मुख्र रूप से झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्रप्रदेश और पश्‍चिम बंगाल में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा अत्रधिक शराब पीने रा उम्र संबंधी बीमारिरों के कारण जंगलमहल में लोगों की मौतें हुई। दो लोगों की मौत बीमारी और वृद्धावस्था के कारण हुई जबकि अन्र की मौत अत्रधिक शराब के सेवन से जिगर की समस्रा के कारण हुई। जनजाति समुदारों के कल्राण के लिए चलारी जा रही विकास परिरोजनाओं को गिनाते हुए मुख्रमंत्री ने कहा कि राज्र गरीबों की जरूरतों के लिए हमेशा से संवेदनशील रहा है।

विपक्ष का सदन से वॉक आउट : इस बीच मुख्यमंत्री की सफाई से नाराजा विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉक ऑउट किया। नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान ने कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोल रही हैं। सरकार सच्चाई का सामना नहीं करना चाहती,?इसीलिए मुद्दे पर चर्चा नहीं करने दिया। वाम परिषदीय दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि जब राज्य में लोग भूख (आहार) से मर रहे हैं, सरकार आहारे बांग्ला उत्सव में व्यस्त हैं। इससे सरकार की असंवेदनशीलता प्रकट होता है। भाजपा ने भी सरकार की नीतियों का विरोध किया। दिलीप घोष ने कहा कि सरकार भूखमरी से हुई मौतों के सच को जनता से छिपा रही है।

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