मेट्रो कार्य से भूकंप जैसा कंपन : ममता

कहा, बड़ा हो सकता था यह हादसा

दावा, मेट्रो कार्य से भूकंप जैसा कंपन

कोलकाता : दार्जिलिंग के 3 दिवसीय दौरे को बीच में ही छोड़कर कोलकाता लौटीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार शाम दुर्घटनाग्रस्त माझेरहाट पुल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हादसा काफी बड़ा हो सकता था। उन्होंने कहा कि मेट्रो के कार्य से कंपन होता था तथा ऐसा लगता था कि भूकंप हो रहा है।

उन्होंने कहा कि कोलकाता पुलिस ने इस बारे में प्राथमिकी भी दर्ज की है। मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट था कि वे राइट्स द्वारा मेट्रो को क्लीनचिट देने से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुल के टूटने व मेट्रो कार्य को अलग करके नहीं देखा जा सकता है। पाइलिंग के समय ऐसा लगता था मानो भूकंप हो रहा है। कोलकाता मेट्रो कार्य के दौरान भी हम यह देख चुके हैं।

ममता ने कहा कि किसी भी कारण को छोटा करके नहीं देखना चाहते तथा हादसे के असली कारणों के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं। हम मूल कारणों से हटना नहीं चाहते। इस बीच हादसे के 24 घंटे बाद और एक व्यक्ति का शव मिलने से हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 2 हो गई है।

नवान्न में आपात बैठक : मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हादसे के कारणों के बारे में चर्चा के लिए उन्होंने गुरुवार को नवान्न में दोपहर बाद 3.30 बजे आपात बैठक बुलाई है। बैठक में सभी बिंदुओं पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की मुआवजा की घोषणा की। ममता ने कहा कि यहां 9 साल से मेट्रो का काम चल रहा है। इससे लोगों का काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि पुराने पुलों के कागजात मिलने में परेशानी हो रही है। फिर भी हम कोशिश कर रहे हैं कि पुलों के स्वास्थ्य की हर 6 माह पर जांच होती रहे। उन्होंने कहा कि यह पुल 54 साल पुराना है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने बैठक में कोलकाता सह राज्य के सभी पुलों की स्थिति जानने के बारे में गुरुवार को नवान्न में अहम बैठक बुलाई है। बैठक में पीडब्ल्यूडी, केएमडीए, सिंचाई विभाग तथा पुलिस के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहेंगे। पता चला है कि बैठक में माझेरहाट पुल हादसे के लिए दोषियों को चिन्हित करने के बारे में अगले कदम पर चर्चा हो सकती है। घटनास्थल पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य सुरक्षा सलाहकार सुरजीतकर पुरकायस्थ, डीजी विरेंद्र, सीपी राजीव कुमार, शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम सह अन्य मंत्री व अधिकारी भी थे। मुख्यमंत्री ने टूट कर नीचे गिरे पुल के हिस्से को उपर से देखा तथा अधिकारियों से हादसे के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विपरीद दिशा के हिस्से को भी देखा। मालूम हो कि मेट्रो व पूर्व रेलवे ने बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि पुल के गिरने के साथ रेल कार्य का कोई संबंध नहीं है क्योंकि मेट्रो का काम एक साल पहले ही खत्म हो गया है। अभी उनका कोई भी काम वहां नहीं हो रहा था।

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