समाज्ञा

बंगाल में धर्म के आधार पर भेदभाव करने वालों के लिए कोई जगह नहीं: ममता

दुर्गापुर, समाज्ञा
दुर्गापुर के कांकसा इलाके में राज्य सरकार द्वारा आयोजित प्रशासनिक बैठक के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भाजपा को एक बार फिर आड़े हाथों लिया। राजस्थान में मालदा के निवासी अफराजुल की निर्मम हत्या को लेकर ममता ने कहा कि हमारे राज्य के लोग को वहां इस तरह से पीट-पीट कर हत्या कर दिया जाता है। हम नहीं जानते कि वह हिंदू है या मुसलमान, क्रिस्चियन है या सीख लेकिन किसी की भी हत्या नहीं होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि इस पूरे मामले की जांच हो और सच बाहर निकलकर आए कि इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। यही नहीं राजस्थान में अफराजुल की हत्या के बाद बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष अनुब्रत मंडल द्वारा कथित तौर पर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ किए गए बयान बाजी को लेकर ममता बनर्जी ने चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग नीच भाषा इस्तेमाल करते हैं वह हम नहीं कर सकते हैं। वह हमारे संस्कृति में नहीं है। जो लोग ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं हम उसके प्रतिवाद करेंगे लेकिन ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे। साथ ही ममता ने कहा कि मैं आखरी बार तुम्हे (केश्टो) को चेतावनी दे रही हूं कि तुम इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करोगे। इसके बाद देशभर में जारी हिंदू-मुस्लिम राजनीति को लेकर ममता ने कहा कि हम हिंदू और मुसलमान को लेकर राजनीति नहीं करते हैं। ममता ने कहा कि हम लोगों के साथ खड़ा रहना चाहते हैं और हर किसी के लिए सुविधाएं मुहैया कराते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम कन्याश्री प्रकल्प के तहत बच्चियों को साइकिल देते हैं तो या नहीं देखते हैं कि वह बच्ची हिंदू घर में जन्मी है या मुस्लिम या फिर सिक्ख या ईसाई, हम सभी को एक समान अधिकार से देखते हैं और सभी को सुविधाएं प्रदान करते हैं। इस जनसभा के माध्यम से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई परियोजनाओं की घोषणा की। इस परियोजनाओं में प्रसूति के लिए अस्पताल ले जाने के लिए मातृ यान चालू करने, जामुड़िया इलाके में धंसान प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को आवास प्रदान करना, संथाल आदिवासी छात्र छात्राओं को स्कॉलरशिप देने इत्यादि शामिल है। इसके साथ ही ममता बनर्जी ने आसनसोल में 17 पानी के प्रकल्प, करीब छह हजार इंडस्ट्री चालू करने, आदिवासियों के विभिन्न भाषाओं को मंजूरी देने, प्राथमिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को खाना, बैग, जूता, पोशाक इत्यादि देने शामिल थे।