समाज्ञा

काला पति नहीं आया रास तो कर दी उसकी हत्या 

वारदात को अंजाम देकर आरोपी पत्नी फरार
कोलकाता –  फिल्म गुमनाम में हास्य अभिनेता महमूद पर फिल्माया गीत हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं। आज भी उक्त गीत की पंक्तियां काले लोगों के व्यक्तित्व को महिमा मंडित करता है। लेकिन एक महिला लक्ष्मी ने अपने पति भोला बैरागी की हत्या सिर्फ इसीलिए कर दी है क्योंकि वह उसका रंग काला था। भले ही यह चौकाने वाली बात हो लेकिन उक्त घटन पूर्व बर्दवान जिले के कालना में घटी है। आज इसकी जानकारी पुलिस ने बताया कि वह शादी के समय से ही पत्नी को पसंद नहीं था लेकिन घरवालों के दबाव में उसे शादी करनी पड़ी। फलस्वरूप दोनों का वैवाहिक जीवन शांतिमय नहीं था। विवाह के कुछ महीने बाद ही पत्नी का मन दूसरे पुरुष के साथ लगने लगा। यही वजह थी कि पत्नी ने पति को छोड़ने का फैसला किया। दोपहर के खाने में नींद की दवा मिलाकर सभी खिलाने के बाद पति की हत्या करने का आरोप पत्नी पर लगा है। यह बड़ी घटना कालना के उत्तरा ग्राम की है।सुबह कालना में सड़क किनारे एक व्यक्ति का शव कुछ स्थानीय लोगों ने देखा। स्थानीय लोगों ने शव को पहचान लिया। शव पेशे से राजमिस्त्री भोला बैराग का था। स्थानीय लोगों ने फौरन पुलिस को सूचित किया और फिर उसके घर वालों से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन घर पहुंचकर स्थानीय लोगों ने देखा कि परिवार का प्रत्येक सदस्य गहरी नींद में सोया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें उठाया। मौके पर परिवार का हर एक सदस्य उपस्थित थे लेकिन बहू लापता थी। लोगों को समझने में देर नहीं लगी कि इस साजिश को किस ने अंजाम दिया है। गृहवधू ने सबसे पहले दोपहर के खाने में नींद की दवा मिलाकर सभी को खाना दिया और फिर पति की हत्या कर फरार हो गई। जानकारी के अनुसार कुछ साल पहले उखरा के भोला का विवाह मेमारी निवासी लक्ष्मी से हुई थी। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही लक्ष्मी भोला को मन से पति नहीं मानती थी। इसलिए अक्सर अशांति रहती थी। इसी दौरान लक्ष्मी गांव के एक युवक के संपर्क में आई। भोला को भी इस बात की जानकारी थी। उसने पत्नी को रोकने की कोशिश की लेकिन इसका अंजाम उसे अपनी जान देकर गंवानी पड़ी। लक्ष्मी के खिलाफ थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।