समाज्ञा

क्या ‘माझेरहाट ब्रिज’ घटना से सबक लेगी सरकार?

जर्जर अवस्था में है  टिकियापाड़ा ब्रिज

हावड़ा के कई ब्रिजों में है दरार

हावड़ा :माझेरहाट ब्रिज’ दुर्घटना हुई उसके लिए आखिर कौन जिम्मेदार है? आज यह बात हर किसी के मन में उठ रहा है। वह ब्रिज सालों पुराना है। उसी रास्ते से अनगिनत बार अनगिनत लोग गुजरते हैंकोलकाता व हावड़ा में भी ऐसे कई ब्रिज है जिससे लोग आज भी गुजर रहे हैं। माझेरहाट की घटना के बाद लोगों को किसी भी ब्रिज से होकर गुजरने में डर रहे हैंहावड़ा के भी कई ऐसे ब्रिज है जहां के रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। लोगों में डर हो गया है कि कहीं यह ब्रिज तो नहीं गिर जाएगी। सभी के मन में बस यही सवाल उठ रहा है कि क्या ‘माझेरहाट ब्रिज’ घटना से राज्य सरकार सबक लेगी?

इन ब्रिजों में है दरार

घास बागान ब्रिज, बंकिम सेतू, सांतरागाछी ब्रिज, टिकियापाड़ा ब्रिज

डर के साथ ही लोगों में गुस्सा

माझेरहाट ब्रिज’ का हिस्सा ढहने की घटना से लोगों के मन में अब किसी ब्रिज से होकर गुजरने में डर तो है ही, साथ ही इस बात का गुस्सा भी है कि आखिर इन जिम्मेदार लोगों को दुर्घटना से पहले क्यों नहीं दिखता कुछ? लोगों का कहना है कि क्यों सरकार आम आदमी की जान की परवाह नहीं कर रही है? क्यों बारबार ब्रिज ढहने की घटना हो रही हैं? सरकार इस तरह की घटना की सख्ती से जांच क्यों नहीं करती हैं? लोगों का आरोप है कि रिश्वत और भ्रष्ट अधिकारियों को ब्रिज निर्माण का काम क्यों दिया जाता हैं। लोगों का आरोप है कि हावड़ा के किसी भी ब्रिज की नियमित मरम्मत नहीं करायी जाती हैं। लोगों का आरोप है कि शायद ही कोई हादसा ऐसा रहा हो जिसमे कोई बड़ी कार्रवाई हुई हो और किसी को कोई सजा हुई हो। घटना होने के दो चार दिन बाद तक हल्ला गुल्ला होता है और फिर सब शांत चलने लगता है।