शम्मी के तूफान में उड़ा न्यूजीलैंड , फाइनल में पंहुचा भारत

मुंबई : विराट कोहली ने वनडे में शतकों का अर्धशतक पूरा करके सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, जबकि मोहम्मद शमी ने सात विकेट लेकर गेंदबाजी में फिर से कमाल दिखाया, जिससे भारत ने बुधवार को यहां न्यूजीलैंड को 70 रन से हराकर सेमीफाइनल में हारने के मिथक को तोड़कर चौथी बार वनडे विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई।
भारत इससे पहले 1987, 1996, 2015 और 2019 में सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाया था। चार साल पहले मैनचेस्टर में न्यूजीलैंड ने उसका विजय अभियान थामा था, जिसका उसने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हिसाब चुकता किया।
भारत ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 397 रन बनाए और इस तरह से विश्व कप के नॉकआउट चरण में सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 48.5 ओवर में 327 रन बनाकर आउट हो गई।
अहमदाबाद में रविवार को होने वाले फाइनल में भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। दो बार का चैंपियन भारत इससे पहले 1983, 2003 और 2011 में फाइनल में पहुंचा था।
भारत की तरफ से कोहली ने 117 गेंद पर 113 रन, जबकि श्रेयस अय्यर ने 70 गेंद पर 105 रन बनाए। इन दोनों ने 128 गेंद पर 163 रन जोड़े। इससे पहले कप्तान रोहित शर्मा ने 29 गेंद पर 47 रन की तूफानी पारी खेल कर भारत को तेज शुरुआत दिलाई जबकि बीच में रिटायर्ड हर्ट होने वाले शुभमन गिल ने अंतिम ओवर में वापसी की और कुल 66 गेंद पर नाबाद 80 रन की पारी खेली। केएल राहुल 20 गेंद पर 39 रन बनाकर नाबाद रहे।
न्यूजीलैंड का स्कोर एक समय दो विकेट पर 39 रन था जिसके बाद डेरिल मिचेल (119 गेंद पर 134) और कप्तान केन विलियमसन (73 गेंद पर 69 रन) ने तीसरे विकेट के लिए 181 रन की साझेदारी की। मिचेल ने अपनी पारी में नौ चौके और सात छक्के लगाए।
शमी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 57 रन देकर सात विकेट लेकर भारतीय रिकॉर्ड बनाया। यह पहला अवसर है जबकि भारत के किसी गेंदबाज ने वनडे मैच में सात विकेट हासिल किये।
कोहली ने 106 गेंद पर अपना शतक पूरा करके तेंदुलकर के सामने उनका वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक शतक का रिकॉर्ड तोड़ा। वह वनडे में शतकों का अर्धशतक पूरा करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस पारी के दौरान किसी एक विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने के तेंदुलकर (2003 में 673 रन) का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
कोहली के खिलाफ न्यूजीलैंड ने शुरू में ही एलबीडब्ल्यू के लिए डीआरएस लिया था। इसके अलावा कीवी गेंदबाज उन्हें किसी भी समय परेशान नहीं कर पाए। उन्होंने सहजता से रन बटोरे और टिम साउदी की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग में कैच देने से पहले अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए।
पिछले मैच में शतक जड़ने वाले अय्यर ने अपनी उसी लय को बरकरार रखा और अपने घरेलू मैदान वानखेड़े में छक्कों की बौछार करके दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने साउदी पर छक्का लगाने के बाद अगली गेंद पर एक रन लेकर 67 गेंद पर अपना शतक पूरा किया। यह विश्व कप के नॉकआउट चरण में सबसे तेज शतक है।
अय्यर इसके बाद ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर लॉन्ग ऑफ पर कैच देकर पवेलियन लौटे। अय्यर ने अपनी पारी में चार चौके और आठ छक्के लगाए। वह विश्व कप में एक पारी में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। भारत की तरफ से इस मैच में 19 छक्के लगे जो विश्व कप में उसका नया रिकॉर्ड है।
न्यूजीलैंड पर बड़े स्कोर का दबाव था और शमी ने छठे ओवर में गेंद थामकर अपनी पहली गेंद पर ही डेवोन कॉनवे (13) को चलता कर दिया जिनका विकेटकीपर राहुल ने गोता लगाकर शानदार कैच लपका। शमी ने अपने अगले ओवर में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे रचिन रविंद्र (13) को भी विकेट के पीछे आउट कराकर न्यूजीलैंड को करारा झटका दिया।
लेकिन विलियमसन और मिचेल दृढ़ इरादों के साथ मैदान पर उतरे थे। सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद इन दोनों ने शुरू में धैर्य दिखाया और बाद में रन गति तेज की। मिचेल ने रविंद्र जडेजा की ढीली गेंदों को निशाना बनाया और 85 गेंद पर शतक पूरा करने से पहले बाएं हाथ के स्पिनर पर तीन छक्के लगाए।
विलियमसन जब 52 रन पर थे तब शमी ने उनका आसान कैच छोड़ा था। इस तेज गेंदबाज ने हालांकि कीवी कप्तान को इसका फायदा नहीं उठाने दिया और उन्हें डीप स्क्वायर लेग पर कैच कराकर भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। इसके एक गेंद बाद उन्होंने नए बल्लेबाज टॉम लैथम को पगबाधा आउट करके न्यूजीलैंड को फिर से बैकफुट पर भेज दिया। विलियमसन ने अपनी पारी में आठ चौके और एक छक्का लगाया।
मिचेल ने ग्लेन फिलिप्स (33 गेंद पर 41) के साथ पांचवें विकेट के लिए 75 रन की साझेदारी की। जसप्रीत बुमराह ने फिलिप्स को आउट किया जबकि शमी ने मिचेल की पारी का अंत करके वर्तमान टूर्नामेंट में तीसरी बार पांच या इससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया।
इससे पहले रोहित ने बोल्ट के पहले ओवर में दो चौके लगाकर जतला दिया था कि वह बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकिचाएंगे। उन्होंने बोल्ट और साउदी दोनों को निशाने पर रखा।
विलियमसन को छठे ओवर में ही बाएं हाथ के स्पिनर मिशेल सेंटनर को गेंद सौंपनी पड़ी। भारतीय कप्तान ने उनका स्वागत चौके और छक्के से किया, लेकिन साउदी पर ऊंचा शॉट लगाते समय उनकी टाइमिंग सही नहीं थी और विलियमसन ने दौड़ लगाकर उसे कैच में बदल दिया। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और इतने ही छक्के लगाए तथा विश्व कप में सर्वाधिक छक्के लगाने के क्रिस गेल (49) के रिकॉर्ड को तोड़ा।
रोहित की आतिशबाजी के बाद गिल ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने लॉकी फर्ग्यूसन को निशाने पर रखा और इस तेज गेंदबाज पर छक्का लगाकर 13वें ओवर में भारत का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। गिल ने 41 गेंद पर वनडे में अपना 13वां अर्धशतक पूरा किया। जब वह 79 रन पर खेल रहे थे तब बाएं पांव में ऐंठन के कारण उन्हें क्रीज छोड़नी पड़ी। उन्होंने प्रवाहमय बल्लेबाजी की और अपनी पारी में आठ चौके और तीन छक्के लगाए।
लेकिन इससे न्यूजीलैंड को किसी तरह की राहत नहीं मिली क्योंकि अय्यर ने एक तरह से गिल की पारी को ही आगे बढ़ाया। उन्होंने रविंद्र को कुंद करने के अलावा बोल्ट और साउदी की गेंद को भी छक्के के लिए भेजा। इस बीच कोहली ने भी साउदी पर छक्का लगाया। राहुल ने पांच चौके और दो छक्के लगाकर डेथ ओवरों में बखूबी जिम्मेदारी संभाली।
न्यूजीलैंड की तरफ से साउदी सबसे महंगे लेकिन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 100 रन देकर तीन विकेट लिए।

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