कोलकाता, समाज्ञा : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को अपने साप्ताहिक ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। कार्यक्रम में नौकरी के इच्छुक युवाओं, पेशेवरों और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी परेशानियां रखीं।
जनता दरबार में नदिया जिले के कृष्णानगर की एक महिला भी पहुंची, जिसने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2024 में उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी और शव पर तेजाब डालकर उसे जला दिया गया। महिला का दावा है कि पुलिस ने शुरू में मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश की और कानूनी हस्तक्षेप के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई। उनका आरोप है कि जांच अब तक संतोषजनक ढंग से आगे नहीं बढ़ी है।
महिला ने बताया कि घटना के समय शुभेंदु अधिकारी, जो उस समय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे, उनके घर पहुंचे थे और न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने मामले की निष्पक्ष और नए सिरे से जांच कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने उनकी शिकायत गंभीरता से सुनी और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके अलावा जनता दरबार में जमीन कब्जे, सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, प्रशासनिक लापरवाही और अन्य नागरिक समस्याओं से जुड़े कई मामले भी सामने आए। राज्य के दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों ने अपनी याचिकाएं और ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पदभार संभालने के बाद आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से ‘जनता दरबार’ की शुरुआत की थी। इस पहल के तहत पहला जनता दरबार 18 मई को आयोजित किया गया था और तब से यह कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है।


