शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों के राज्य मंत्री उमेश राय से विशेष बातचीत
अरबिंद ठाकुर
कोलकाता, समाज्ञा: पश्चिम बंगाल में मई 2026 में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई भाजपा सरकार बनी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी रोजगार और औद्योगिक विकास को अपनी प्राथमिकता बताया। केंद्र सरकार के सहयोग से शिक्षा में सुधार, ग्रामीण स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करना, रोजगार, उद्योग तथा सरकारी नौकरियों के अवसरों को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया। सरकार गठन के करीब तीन माह में कोई कामकाज का सटीक मूल्यांकन तो नहीं हो सकता, लेकिन कार्य और योजनाओं पर चर्चा की जा सकती है। ऐसे में सरकार के शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों के राज्य मंत्री उमेश राय से एक भेंट वार्ता हुई। प्रस्तुत हैं वार्ता के कुछ मुख्य अंश:
सवाल: 20-25 वर्षों से विपक्ष की राजनीति के बाद सत्ता में आने पर कैसा महसूस कर रहे हैं? तब और अब में कितना अंतर है?
जवाब: एक लंबे संघर्ष के बाद सत्ता का सुख मिला है। हमने काफी प्रताड़नाएं झेली हैं, बम-गोली का सामना करना पड़ा है, झूठे केस में फंसाया गया है। इन सारी यातनाओं को झेलकर मेरे जैसे लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं और राज्य की प्रबुद्ध जनता-जनार्दन ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाई है। अभी कड़ी मेहनत करते हुए दिन-रात एक कर निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकल्पित हूं। पहले से दुगने उत्साह और पूरी लगन के साथ जन-जन की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कार्य कर रहा हूं।
सवाल: शहरी विकास की बात आती है तो कोलकाता की स्थिति अत्यंत खराब है, शून्य से शिखर तक का सफर कैसे तय होगा?
जवाब: आपके माध्यम से बंगाल की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि माननीय मुख्यमंत्री जी की अगुवाई में स्वस्थ, सुंदर और जन-जन की हितकारी सरकार पश्चिम बंगाल में कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से सर्वोच्च सफलता हासिल करेगी। यह सरकार कागज में काम करने वाली नहीं है। सारे विधायक और मंत्री सड़क पर उतरकर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में युद्धस्तर पर हर जगह आपको काम दिखेगा।
सवाल: शहरी विकास की चुनौतियों से निपटने के लिए मंत्रालय के पास क्या ठोस और कारगर योजना है?
जवाब: सड़क के अतिक्रमण हटाए जाएंगे, सारा ड्रेनेज सिस्टम भूमिगत होगा। अपने विभाग में भी स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। इंदौर और अन्य सुंदर शहरों की स्वच्छता प्रणाली को देख-समझकर अपनाया जाएगा। एक बड़ा सामान्य वर्ग, जिसने अपने खून-पसीने की कमाई का हिस्सा टैक्स के रूप में देने के बावजूद सामान्य मानवीय मूलभूत अधिकारों से वंचित रहना पड़ता है, क्योंकि कुछ राजनीतिक लोगों के संरक्षण और असामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी के कारण सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण कर अवैध तरीके से दुकानदारी या अन्य गतिविधियां की जा रही हैं। मैं आपके माध्यम से पश्चिम बंगाल की जनता से यह पूछना चाहता हूं कि क्या पांच सौ या हजार लोगों की अवैध आजीविका के कारण लाखों नगरवासियों को उनकी आशाओं, आकांक्षाओं और अधिकारों से वंचित रखा जाना चाहिए? अस्पताल, कोर्ट, बैंक, मंदिर, सरकारी कार्यालय आदि में आने-जाने वाले लोगों को अनेक कठिनाइयों का प्रतिदिन सामना करना पड़ता है। भाजपा सरकार में ऐसा नहीं चलेगा, इसका समाधान करके रहेंगे।
सवाल: अपनी सीनियर मंत्री अग्निमित्रा पॉल के साथ आपका तालमेल कैसा है और उनके बारे में कुछ विशेष बताएं?
जवाब: मैं कोई कार्ययोजना लेकर उनके पास पहुंचता हूं तो पता चलता है कि उस योजना पर माननीय मंत्री अग्निमित्रा पॉल दो कदम आगे हैं। इसलिए मैं दो-चार कदम और आगे पहुंच जाता हूं। वे किसी भी विषय पर बड़ी गंभीरता के साथ सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करती हैं। उनके अधीनस्थ काम करके अनुभव और आनंद दोनों मिलता है। माननीय मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि गंदगी फैलाने वालों पर पेनल्टी चार्ज लगाया जाएगा।
सवाल: शहर का अनियोजित ढंग से फैलाव, झुग्गी-झोपड़ी, अवैध निर्माण और फुटपाथी दुकानदारों से निपटने की क्या योजना है?
जवाब: गरीबी के नाम पर पूरे शहर की व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देंगे। हम दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के संवाहक हैं। हम आखिरी व्यक्ति के विकास की बात करने वाले लोग हैं। अंत्योदय के सपने को साकार करने के लिए हम दृढ़ संकल्पित हैं। अपनी राजनीति को चमकाने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों ने हाकरों के अवैध निर्माण को स्थायी रूप देने का कुत्सित प्रयास किया। माननीय मुख्यमंत्री जी की बिल्कुल स्पष्ट नीति है कि गरीब और कमजोर को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन जो समाज के साथ छेड़खानी करेगा, उसे छोड़ेंगे नहीं। हालांकि, अवैध तरीके से बने पहले के मकानों में रहने वाले लोगों के संबंध में अतिक्रमण पर मानवीय पक्ष को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष अनुमोदन लाया जाएगा। जहां जरूरत होगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी।
सवाल: हावड़ा नगर निगम का चुनाव नियमित कराने में पिछली सरकार विफल रही। आपकी सरकार क्या सोचती है?
जवाब: डिलिमिटेशन का काम चल रहा है। बहुत जल्द ही कोलकाता, हावड़ा, बाली और कई अन्य नगर निगमों के चुनाव नवंबर तक होंगे और जनता द्वारा चयनित एक लोकतांत्रिक बोर्ड का गठन होगा।
सवाल: नगर निगम में पर्याप्त और कुशल कर्मचारियों एवं फंड की कमी है। हावड़ा, कोलकाता और अन्य नगर निगमों का भी यही हाल है। इस बारे में सरकार की नीति क्या है?
जवाब: नई सरकार बनने के बाद एक कमिश्नर, दो डिप्टी कमिश्नर, फाइनेंस कंट्रोलर और 12 इंजीनियरों की नियुक्ति की गई है। कुछ मुख्य पदों पर भी नियुक्तियां होंगी। फंड की कमी प्रबंधन के कारण थी, उसे ठीक कर लिया जाएगा।
सवाल: स्वच्छ जल, अच्छी सड़क, सीवेज, जल-जमाव, कचरा प्रबंधन और भू-स्खलन जैसी समस्याओं के रहते विकास जमीन पर कैसे दिखेगा?
जवाब: अंग्रेजों के जमाने का ड्रेनेज सिस्टम आज भी है। सभी विभागों के साथ बैठक कर हमने मास्टर प्लान तैयार किया है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सत्यबाला बनकर तैयार है। आशा है कि अक्टूबर तक उत्तर हावड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। आने वाले तीन वर्षों के भीतर हावड़ा शहर जल-जमाव की समस्या से मुक्त हो जाएगा। मास्टर प्लान की फाइल मुख्य सचिव के पास जा चुकी है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद मुख्यमंत्री जी के आदेश से इसे कैबिनेट में भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2027 से कार्य शुरू हो जाएगा। सड़क निर्माण की करीब 50 करोड़ रुपये की योजनाएं पाइपलाइन में हैं। मुझे आशा है कि आने वाली दुर्गा पूजा तक हावड़ा की सभी सड़कें नई बना दी जाएंगी। कचरा प्रबंधन के लिए प्लास्टिक के थैलों के स्थान पर मक्के से बने थैलों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह स्वतः मिट्टी और पानी में गल जाएगा।
सवाल: आपके मंत्रालय की कार्यसूची की तीन प्रमुख प्राथमिकताएं क्या हैं?
जवाब: कचरा मुक्त शहर, चमकती सड़कें और जल-जमाव मुक्त शहर मेरे मंत्रालय की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
सवाल: समाज्ञा के पाठकों और राज्य की जनता को कुछ कहना चाहेंगे?
जवाब: आपके द्वारा चुनी हुई राष्ट्रवादी सरकार के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी जी की ओर से समाज्ञा के सभी पाठकों और राज्य की पूरी जनता को हार्दिक शुभकामनाएं तथा उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं। हम सभी को बेहतर सेवाएं और कुशल प्रबंधन दे पाएं, इसी आशा के साथ जय श्रीराम।


