कोलकाता : गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास और पारदर्शी नियुक्तियों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला है और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक एवं प्रतिस्पर्धी बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस अवसर पर उन्होंने 80,375 सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं सरकारी प्रायोजित विद्यालयों के खातों में 296.64 करोड़ की कंपोजिट ग्रांट जारी करने की घोषणा की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गुरु पूर्णिमा के अवसर पर माता-पिता, शिक्षक-शिक्षिकाओं और आध्यात्मिक गुरुओं को नमन किया। उन्होंने बताया कि दिन की शुरुआत उन्होंने बेलूर मठ में रामकृष्ण मठ एवं मिशन के मुख्यालय में पूजा-अर्चना कर की तथा मठ के अध्यक्ष महाराज और अपने गुरु स्वामी सुवीरानंद जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित रामकृष्ण मठ एवं मिशन सेवा, शिक्षा, आध्यात्मिक जागरण और आपदा राहत के चार मूल उद्देश्यों पर कार्य करता है।
तीन वर्षों से रुकी कंपोजिट ग्रांट जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की नीतियों के कारण विद्यालयों को पिछले तीन वर्षों से कंपोजिट ग्रांट नहीं मिल पाई थी। उन्होंने बताया कि इस योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार तथा 40 प्रतिशत राज्य सरकार देती है। अब राज्य सरकार ने 80,375 विद्यालयों के खातों में आरटीजीएस के माध्यम से 296.64 करोड़ सीधे हस्तांतरित कर दिए हैं।
शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभागों को अलग-अलग कर शिक्षा सुधार को गति दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (छएझ-2020) को लागू करेगी, जिससे केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं अनुदानों का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य में सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष लाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
प्रमुख घोषणाएं
- 1,200 से अधिक विद्यालयों में डिजिटल कंटेंट और इंटरैक्टिव शिक्षण तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी।
- उच्च माध्यमिक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस को शामिल किया जाएगा।
- दीक्षा पोर्टल पर लगभग 3 लाख शिक्षक पंजीकृत हो चुके हैं तथा वे 18 लाख से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में भाग ले चुके हैं।
- 1,000 सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी।
- पीएम श्री योजना के तहत विद्यालयों की संख्या 600 से बढ़ाकर 800 करने का प्रस्ताव दिया गया है।
नियुक्तियों पर बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल सेवा आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया से राजनीतिक हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग के अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दुष्यंत नरियाला को नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार लंबित 6,000 साक्षात्कार जल्द पूरे किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार इस वित्तीय वर्ष में चरणबद्ध तरीके से कुल 50,000 शिक्षकों, शिक्षिकाओं, शिक्षाकर्मियों और प्राध्यापकों की नियुक्ति करेगी। इसमें बजट में घोषित 12,000 नियुक्तियों के अतिरिक्त 38,000 नई नियुक्तियां शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि इससे नो-टीचर स्कूल, सिंगल-टीचर स्कूल तथा विभिन्न विषयों में शिक्षकों की कमी दूर की जाएगी।
पैरा-टीचरों और शिक्षकों के लिए राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 42,192 पैरा-टीचरों के मासिक मानदेय में 5,000 की वृद्धि की गई है, जो अगस्त से प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग का गठन किया गया है और आयोग जल्द अपनी रिपोर्ट देगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य के महंगाई भत्ते (ऊ-) में 42 प्रतिशत का अंतर था, जिसमें से राज्य सरकार 20 प्रतिशत की भरपाई कर चुकी है और शेष अंतर चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
मिड-डे मील योजना में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम पोषण योजना को लेकर केंद्र सरकार के साथ सभी विवाद समाप्त कर दिए गए हैं।
उन्होंने घोषणा की कि-
- प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील की राशि 6.78 से बढ़ाकर 10 प्रति छात्र की जाएगी।
- उच्च प्राथमिक और हाई स्कूल में भी 10 प्रति छात्र की व्यवस्था जारी रहेगी।
- बढ़ी हुई राशि 1 अगस्त से लागू होगी।
- इस्कॉन कोलकाता के एक बड़े हिस्से में पायलट परियोजना के तहत सात्विक एवं प्रोटीनयुक्त मिड-डे मील उपलब्ध कराएगा।
- स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से छात्रों को अतिरिक्त प्रोटीनयुक्त अंडे उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है।
- मिड-डे मील तैयार करने वाली रसोइयों (दीदी एवं मौसी) का मानदेय 2,000 से बढ़ाकर 3,000 प्रतिमाह किया गया है।
विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप की वापसी
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप योजना को पुनः शुरू करेगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित न रहें। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को इस स्तर तक विकसित करना है कि किसान, ग्रामीण, निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों के बच्चों को भी निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर प्राप्त हो सकें।


