BSNL-MTNL कर्मचारियों को राहत, होली से पहले मिलेगी फरवरी की सैलरी

आर्थिक संकट से जूझ रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी BSNL और  MTNL के कर्मचारियों को राहत मिलने वाली है. दरअसल, होली (21 मार्च) से पहले सरकार इन दोनों कंपनियों के कर्मचारियों की बकाया सैलरी का भुगतान करेगी. बता दें कि दोनों ही कंपनियां अपने कर्मचारियों के पिछले महीने की सैलरी का भुगतान नहीं कर पाई हैं. टेलिकॉम इतिहास में पहली बार BSNL के 1.76 लाख कर्मचारियों की सैलरी अटकी है. अब तक कर्मचारियों को हर महीने के आखिरी या अगले महीने के पहले वर्किंग डे तक सैलरी मिल जाती थी.

किसका कितना बकाया

एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सरकार ने MTNL को अपने कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए 171 करोड़ रुपये का लंबित बकाया जारी किया है. वहीं  BSNL 20 मार्च तक अपने आंतरिक संसाधनों से कर्मचारियों के 850 करोड़ रुपये के वेतन बकाये का भुगतान करेगी.  इस संबंध में BSNL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि जो राशि मिलेगी उसका पूरी तरह से इस्‍तेमाल कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर होगा.

उन्‍होंने कहा,  ”कंपनी को इस महीने आंतरिक संसाधनों से 850 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. इस पूरी राशि का इस्तेमाल कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर किया जाएगा.इसके बाद वेतन का कोई बकाया नहीं बचेगा. उनके वेतन का भुगतान 20 मार्च तक किया जाएगा.” BSNL के प्रवक्ता संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि कंपनी के जम्मू-कश्मीर, केरल और बीएसएनएल कॉरपोरेट कार्यालय (वरिष्ठ अधिकारियों और बोर्ड सदस्यों को छोड़कर) के कर्मचारियों का वेतन पहले ही जारी किया जा चुका है.

BSNL कर्मचारियों को देती है 55 फीसदी हिस्सा

BSNL के कर्मचारियों पर कंपनी हर महीने 1200 करोड़ रुपये खर्च करती है. यह कंपनी की कुल आमदनी का 55 फीसदी हिस्सा होता है. वहीं हर साल इस बजट में 8 फीसदी की बढ़ोत्तरी भी होती है. आसान भाषा में समझें तो वेतन पर बीएसएनएल का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है जबकि आमदनी लगातार गिर रही है.

बता दें कि देशभर में BSNL के कर्मचारियों की संख्या 1.76 लाख है. वहीं एमटीएनएल के कर्मचारियों की संख्या 22,000 के करीब है.  एक अनुमान के मुताबिक अगले 5 से 6 साल में एमटीएनएल के 16,000 और बीएसएनएल के 50 प्रतिशत कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे.

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