सीबीआई ने फर्जी पासपोर्ट गिरोह के सिलसिले में बंगाल, सिक्किम में छापे मारे; दो लोग गिरफ्तार

नयी दिल्ली/कोलकाता : केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अधिकारियों एवं बिचौलिये की संलिप्तता वाले एक फर्जी पासपोर्ट गिरोह का शनिवार को भंडाफोड़ किया। इस सिलसिले में गंगटोक के पासपोर्ट लघु सेवा केंद्र के एक अधिकारी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।सीबीआई के दलों ने सुबह में, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 50 स्थानों पर छापे मारे। इनमें गंगटोक, सिलिगुड़ी, दार्जीलिंग, अलीपुर और अन्य शहरों में स्थित पासपोर्ट कार्यालय और हाल में दर्ज एक प्राथमिकी में नामजद आरोपियों के परिसर भी शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि यह जांच गंगटोक स्थित पासपोर्ट सेवा लघु केंद्र में वरिष्ठ अधीक्षक के रूप में पदस्थ गौतम कुमार साहा, और दीपू छेत्री नाम के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के साथ शुरू हुई। दोनों को सिलीगुड़ी के एक होटल में पकड़ा गया था, जब छेत्री एक पासपोर्ट जारी कराने के लिए साहा को कथित तौर पर 1.9 लाख रूपये की रिश्वत दे रहा था।
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान लोक सेवक के पास से 3.08 लाख रुपये (लगभग) बरामद किये गए।’’
सरकारी अधिकारी, बिचौलिया और पासपोर्ट एजेंट सहित 24 लोगों को प्राथमिकी में नामजद किया गया है। इनमें साहा, छेत्री, कोलकाता स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में उप पासपोर्ट अधिकारी के रूप में पदस्थ तपन दास और 13 अन्य सरकारी अधिकारी शामिल हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि पहचान की चोरी और सरकारी कार्यालयों द्वारा जारी फर्जी यात्रा दस्तावेज गंभीर सुरक्षा मुद्दे हैं। उन्होंने बताया कि छापेमारी जारी है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह आरोप है कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ), कोलकाता और पासपोर्ट सेवा लघु केंद्र (पीएसएलके), गंगटोक के लोक सेवकों ने पासपोर्ट एजेंट, बिचौलियों सहित अन्य लोगों के साथ एक आपराधिक साजिश रची तथ भारत के गैर-निवासी व्यक्तियों/आवेदकों की ओर से जमा किये गये झूठे एवं फर्जी पहचान दस्तावेजों के आधार पर आरोपी पैसों के एवज में पासपोर्ट जारी कर रहे थे।’’
सीबीआई के दलों ने बंगाल की राजधानी कोलकाता के अलावा साल्ट लेक और हावड़ा स्थित पासपोर्ट कार्यालयों में तलाशी ली है।
संघीय एजेंसी ने शनिवार तड़के हावड़ा जिले के उलुबेरिया में पासपोर्ट कार्यालय के एक कर्मचारी के आवास पर भी छापेमारी की।
अधिकारी ने बताया कि उससे करीब छह घंटे पूछताछ की गई, जिसके बाद सीबीआई अधिकारी उसे अपने साथ ले गए।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह व्यक्ति पासपोर्ट कार्यालय का एक कर्मचारी है। हमने आज सुबह उलुबेरिया में उसके आवास पर छापा मारा और उससे पूछताछ की।’’
अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी में भारी संख्या में फर्जी दस्तावेज, ग्राम प्रधानों की मुहर और पहचान दस्तावेज बरामद किये गए।
बिचौलियों और पासपोर्ट विभाग के अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर यह कृत्य करने वाले डाक विभाग के कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इसका उद्देश्य फर्जी पतों पर भेजे गये पासपोर्ट को वापस प्राप्त करने एवं उन्हें वास्तविक व्यक्ति को सौंपना है।

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