उत्तर बंगाल को 3 दशक बाद मिला सर्किट बेंच

-सोमवार से बेंच शुरू करेगा काम

कोलकाता/जलपाईगुड़ी : तीन दशक से भी अधिक के इंतजार के बाद आखिरकार उत्तर बंगाल को हाईकोर्ट का सर्किट बेंच मिल गया। शनिवार को सरकारी तौर पर सर्किट बेंच का उद्घाटन हुआ। इस मौके पर राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विश्वनाथ समाद्दार, कई न्यायाधीश, कानून मंत्री मलय घटक एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। बेंच सोमवार से औपचारिक तौर पर काम करने शुरू करेगा। इसके शुरू होने से अब उत्तर बंगाल के लोगों को परेशानी झेल कर कानूनी न्याय पाने के लिए कोलकाता नहीं दौड़ना पड़ेगा।

बांग्ला में भी मिले अनुमति : ममता
सर्किट बेच के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तर बंगाल के लोगों के लिए बड़ा कानूनी राहत की बात है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ही 2012 में इसका शिलान्यास किया था जो अब काम करना शुरू कर रहा है। मुख्यमंत्री ने मांग की कि मामलों की सुनवाई के दौरान पक्ष रखने के लिए अंग्रेजी के अलावा बांग्ला भाषा की भी अनुमति होनी चाहिए। इससे विचार व मत सही-सही तरीके से पेश करने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में पहले 88 फास्ट ट्रैक कोर्ट थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें बंद कर दिया। फिर भी राज्य सरकार अपने दम पर उन्हें चला रही है। उन्होंने कहा कि इनमें 55 फास्ट ट्रैक कोर्ट तो केवल महिलाओं के लिए ही हैं। उन्होंने न्याय प्रक्रिया को त्वरित गति देने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्किट बेंच का उद्घाटन पहले भी हो सकता थालेकिन वे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहतीं हैं। इस सर्किट बेंच से जलपाईगुड़ी, दार्जीलिंग, कालिम्पोंग, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों को फारदा मिलेगा।

सूत्रों का कहना है कि न्यायाधीश विश्वनाथ समाद्दार सोमवार से बेंच में अन्य न्यायाधिशों के साथ मामलों की सुनवाई का काम शुरू करेंगे। उनके साथ यहां न्यायाधीश मो. मूमताद खान, न्यायाधीश अरिंदम मुखर्जी व न्यायाधीश मधुमिता मित्रा 15 मार्च तक यहां मामलों की सुनवाई व अन्य कानूनी व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे। उसके बाद न्यायाधीश समाद्दार यहां रेगुलर न्यायाधीशों के बारे में फैसला लेंगे। मालूम हो कि जलपाईगुड़ी में सर्किट बेंच बनाने का फैसला 1988 में लिया गया था। लेकिन कई कारणों से यह टलता रहा। मालूम हो कि 8 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सर्किट बेंच का उद्घाटन किया था। लेकिन हाईकोर्ट या राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि को आमंत्रित नहीं करने के चलते राज्य सरका ने तभी इसका दोबारा उद्घाटन करने की बात कही थी तथा शननिवार को दोबारा सर्किट बेंच का उद्घाटन हुआ। इसके लिए जमीन व धनराशि भी राज्य सरकार ने ही दी है।

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