उपचुनाव में माकपा-कांग्रेस पकड़ेंगे एक दूसरा का हाथ

-सोमेन, विमान व सूर्यकांत की बैठक में हुआ फैसला

-विधानसभा उपचुनाव व केएमसी चुनाव भी एक साथ

कोलकाता : लोकसभा चुनाव में जहां भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के दांत खट्टे करते हुए उसके कब्जे से 12 सीटें छीन ली वहीं, उसने माकपा को 2 से 0 व कांग्रेस को 4 से मात्र 2 सीटों पर ला दिया था। इस नतीजे ने दोनों दलों को अपनी राजनीतिक रणनीति बदलने के लिए मजबूर किया। और आखिरकार शुक्रवार को दोनों दलों ने प्रदेश के 3 शीर्ष नेताओं सोमेन मित्रा, विमाब बोस व सोमेन मित्रा) की बैठक के बाद घोषणा की कि वे विधानसभा के 3 सीटों के उपचुनाव पर एक दूसरे का हाथ पकड़कर चुनाव लड़गें। इतना ही नहीं अगले साल होने वाले कोलकाता नगर निगम के 141 सीटों पर भी दोनों दल एक दूसरे के साथ मिल कर चुनाव लड़ेंगे। इस फैसले की घोषणा माकपा प्रदेश सचिव सूर्यकांत मिश्र व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने की। इस घोषणा का असली उद्देश्य दोनों दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के मन से किसी भी तरह के संदेह को दूर करना मना जा रहा है।

सूत्रों का दावा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा व माकपा प्रदेश सचिव सूर्यकांत मिश्र तथा वामो चेयरमैन विमान बोस ने शुक्रवार को बैठक की। बैठक में सहमति बनी कि अब भाजपा व तृणमूल कांग्रेस के मुकाबले के लिए केवल चुनाव पहले मोर्चा या मंच नहीं बनेगा। इससे चुनाव के दौरान नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ ही मतदाताओं में भी गलत संकेत जाता है। इसलिए अब चुनाव के पहले ही एक साथ होने की घोषणा होनी चाहिए। साथ ही यह भी तय होना चाहिए कि भाजपा के साथ ही तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ दोनों दल एक साथ हैं। इससे लोगों को एक वैकल्पिक मंच मिलेगा। पता चला है कि दोनों दलों की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि अब केंद्रीय स्तर पर फैसला लेने की बाध्यता नहीं होगी बल्की प्रदेश के फैसले की जानकारी केंद्रीय नेताओं तक पहुंचा दी जाएगी। माकपा व कांग्रेस नेताओं की बैठक में यह भी सहमति बनी की 2020 में होने वाले कोलकाता नगर निगम की 141 सीटों के चुनाव भी दोनों दल एक साथ मिलकर ही लड़ेंगे। सीटों के बंटवारे के लिए बातचीत भी जल्द ही शुरू होने वाली है। मालूम हो कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक शनिवार को दिल्ली में होने वाली है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष के बारे में फैसला हो सकता है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि शनिवार की बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के फैसले की जानकारी दी जा सकती है। इससे पहले जुलाई में प्रदेश कांग्रेस सोमेन मित्रा ने जिलाध्यक्षों संग बैठक की थी। बैठक में अधिकांश नेताओं ने स्पष्ट किया था कि वर्तमान हालात में वाम दलों के साथ हाथ मिलाए बिना भाजपा या तृणमूल कांग्रेस का सामना करना असंभव है। वहीं, माकपा प्रदेश कमेटी की बैठक में भी स्वीकार किया गया कि मौजूदा हालात में पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं है। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी पार्टी प्लेनम में कांग्रेस संग हाथ नहीं मिलाने के प्रस्ताव में संशोधन करने का संकेत दिया था। लेकिन अब दोनों दलों ने उपचुनाव व केएमसी चुनाव एक साथ लड़ने की घोषणा कर दी है।

दो पर कांग्रेस व एक पर माकपा

 मालूम हो कि कालियागंज, करीमबुर व खड़गपुर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। दोनों दलों के नेताओं की शुक्रवार को हुई बैठक में यह फैसला हुआ कि कालियागंज व खड़गपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव में कांग्रेस तथा करीमपुर सीट से माकपा चुनाव लड़ेगी। हालांकि, नदिया जिले के करीमपुर सीट पर 2016 के विधानसभा चुनाव में माकपा के मुकाबले कांग्रेस को अधिक वोट मिला था। लेकिन कालियागंज व खड़गपुर के बदले कांग्रेस ने करीमपुर सीट माकपा को छोड़ने का फैसला किया।

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