कोरोना पॉजिटिव मिलने पर भी इलाके नहीं है कंटेनमेंट जोन !

कंटेनमेंट जोन : कोलकाता के कई इलाके अभी भी है अछूते

कंटेनमेंट ज़ोन में बस्ती से ज्यादा कॉम्प्लेक्स है शामिल

लॉक डाउन को सफल बनाने के लिए पुलिस ने लगाया जोर

बबीता माली

कोलकाता, समाज्ञा : कोलकाता के 25 इलाकों को कंटेनमेंट ज़ोन में शामिल किया गया है और गुरुवार शाम 5 बजे के बाद से इन इलाकों में कंप्लीट लॉक डाउन कर दिया गया है। मगर इन कंटेनमेंट ज़ोन को लेकर कई तरह के प्रश्न उठ रहे हैं। इतना ही नहीं गुरुवार को भी कोलकाता के कई इलाकों से कोरोना पॉजिटिव मरीज़ मिले हैं। यहां तक कि कई इलाकों में रोजाना ही कोरोना संक्रमित मरीज़ मिल रहे हैं लेकिन आरोप है कि ये इलाके कंटेनमेंट ज़ोन में शामिल नहीं है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोलकाता पुलिस के अन्तर्गत कई थाने इलाके ऐसे भी है जहां रोजाना ही कोरोना मरीज़ मिल रहे हैं। उदहारण के तौर पर सेंट्रल कोलकाता के एक थाने इलाके में अगर देखा जाए तो बुधवार और गुरुवार को 2-2 कोरोना मरीज़ मिले हैं लेकिन आलम यह है कि इस इलाके को इस कंटेनमेंट ज़ोन में शामिल ही नहीं किया गया है। इतना ही नहीं कोलकाता लेदर कॉम्प्लेक्स थाने के ओसी पॉजिटिव पाए गए है लेकिन आलम यह है कि उनके थाने इलाके का एक भी इलाका इस कंटेनमेंट जोन में नहीं है। वहीं कुछ इलाकों में अभी भी काफी संख्या में एक्टिव कोरोना मामले है लेकिन उन इलाकों को भी कंटेनमेंट ज़ोन नहीं बनाया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी बुलेटिन के मुताबिक गुरुवार को कोलकाता में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीज़ सामने आए है और मृतकों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। आंकड़ों के मुताबिक कोलकाता में 322 लोग एक दिन में संक्रमित पाए गए है जबकि १३ लोगों की कोरोना से मौत हुई है। उसमें कंटेनमेंट ज़ोन को देखकर अब प्रश्न उठ रहा है कि इस तरह से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में कितनी सफलता मिलेगी।

बस्ती से ज्यादा कॉम्प्लेक्स है कंटेनमेंट जोन में

केएमसी द्वारा जारी कंटेनमेंट ज़ोन की लिस्ट देखी जाए तो उससे यह साफ पता चल रहा है कि बस्तियों से ज्यादा कॉम्प्लेक्स और अपार्टमेंट से कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। कंटेनमेंट जोन में ६ कॉम्प्लेक्स, 5 बस्ती, 4 मल्टीपल प्रेमिसेस और 10 मिक्सड इलाके शामिल है। हालांकि गत सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी खुलासा किया था कि कॉम्प्लेक्स और अपार्टमेंट चिंता बढ़ा रहे हैं और यह खबर मंगलवार को समाज्ञा में प्रकाशित हुई थी। वहीं हम आपको बता दे कि केएमसी सूत्रों ने बताया कि बस्ती में माइक्रो प्लानिंग कर कोरोना संक्रमण को रोकने में सफलता मिली है और बस्ती में माइक्रो प्लानिंग करना भी आसान है। मगर कॉम्प्लेक्स और अपार्टमेंट में केएमसी कर्मियों का पहुंचना काफी मुश्किल हो रहा है। इसका कारण यह है कि कॉम्प्लेक्स और अपार्टमेंट में घुसने से पहले दरवान, फिर लिफ्ट मैन से होकर तब जाकर संक्रमित फ्लैट में पहुंचा जाता है। ऐसे में केएमसी कर्मियों के लिए यह संभव नहीं हैं। केएमसी सूत्रों की मानें तो जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे तब तक कोरोना को रोका नहीं जा सकेगा।

संक्रमण को रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस तत्पर

वहीं कंटेनमेंट ज़ोन में कड़ाई से लॉक डाउन का पालन करवाने के लिए पुलिस ने भी कमर कस ली है। विभिन्न कंटेनमेंट जोन का जायजा लेने के लिए कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी सड़क पर उतरे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं दूसरी तरफ कंटेनमेंट ज़ोन में स्थित बाजारों और इलाके में भी पुलिस ने बैरिकेड कर माईकिंग कर रही है। लोगों से फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने और मास्क पहनने का अनुरोध कर रही है। मगर गुरुवार को भी कई इलाकों में लॉक डाउन के दौरान मिली जुली स्थिति देखने को मिली। कहीं पर लोग लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं जबकि कई इलाकों को देखने से पता ही नहीं चल रहा है कि यहां लॉक डाउन है।

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