फेसबुक का एक्शन- कांग्रेस से जुड़े 687 अकाउंट/पेज को किया डिएक्टिवेट

सोशल मीडिया पर संवाद का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म मुहैया कराने वाली कंपनी फेसबुक ने कहा है कि उसने कांग्रेस पार्टी से जुड़े 687 पेज और अकाउंट को निष्क्रिय कर दिया है. फेसबुक का कहना है कि ये अकाउंट और पेज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संगठित रूप से गलत आचरण कर रहे थे.

फेसबुक अपने प्लेटफॉर्म पर लगातार स्पैम अकाउंट को हटा रहा है. फेसबुक ने कहा है कि इन अकाउंट को कंटेंट या फिर फेक न्यूज के आधार पर नहीं हटाया गया है बल्कि इन्हें गलत आचरण (Inauthentic behaviour) और स्पैम पुश करने के लिए हटाया गया है.

फेसबुक की सायबर सिक्योरिटी पॉलिसी हेड नैथनिएल ग्लिैशर ने पत्रकारों को बताया कि फेसबुक ने 687 अकाउंट और पेज को डिलीट किया है. उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर अकाउंट फेसबुक के ऑटोमैटेड सिस्टम ने पहचाने थे. उन्होंने कहा कि ये अकाउंट कांग्रेस की आईटी सेल से जुड़े लोगों के थे.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जब हम इन अकाउंट्स को हटाते हैं तो इसका मकसद उनके द्वारा लगातार गलत व्यवहार का प्रैक्टिस करना है, ये अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी अकाउंट इस्तेमाल करते हैं, ताकि लोगों को धोखा दिया जा सके, और अपनी पहचान छिपाई जा सके, इसी वजह से इन्हें हटाया गया है.” उन्होंने कहा कि इन अकाउंट द्वारा डाला गया कंटेट इन्हें हटाने की वजह नहीं थी.

फेसबुक ने कहा कि वो लगातार ऐसे लोगों को पहचानने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वे नहीं चाहते हैं कि उनका प्लेटफॉर्म लोगों पर प्रभाव डालने के लिए इस्तेमाल हो, हम इन पेज को उनके व्यवहार के आधार पर हटा रहे हैं. 

नैथनिएल ग्लिैशर ने कहा, “हमने कांग्रेस के लोगों से बात की है और उन्हें बताया है कि हमने ऐसा कदम क्यों उठाया है, हमने उनके सवालों का जवाब दिया है. हम पॉलिसी मेकर्स और सरकार के पास भी गए हैं और उन्हें बताया है कि हम किस तरह की गलतियां देख रहे हैं और इसके बारे में सरकार को भी बता रहे हैं.”  नैथनिएल ग्लिैशर ने कहा कि इस तरह के पोस्ट के पीछे जो लोग हैं उन्होंने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की है, लेकिन हमने रिव्यू में पाया कि ये लोग कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े हुए थे.

फेसबुक के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि वे इन खबरों की जांच कर रहे हैं कि ऐसे फेज या अकाउंट क्या सचमुच कांग्रेस से जुड़े हैं. मनीष तिवारी ने कहा कि एक बार इन अकाउंट की जांच करके ही वे इस बारे में कुछ प्रतिक्रिया दे पाएंगे.

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