अस्पताल ने भर्ती लेने से किया इनकार, घर पर ही बच्चा जन्म देने से नवजात की हुई मौत

आरोप, हावड़ा से आई थी महिला इसलिए उसे भर्ती नहीं लिया गया

हावड़ा, समाज्ञा :‌ इस देश में जच्चा-बच्चा कैसे सुरक्षित रह सकते हैं, जब स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर अस्पताल तक लोगों को समय से उपचार नहीं मिल रहा। वही कोरोना महामारी को लेकर देश के कोने-कोने में खौफ फैला हुआ है। पश्चिम बंगाल में भी कोरोना वायरस दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। जिसमें हावड़ा को रेड जोन के तौर पर चिन्हित किया गया है। प्रशासन इससे निपटने के लिए हर तरह से प्रयास कर रही है लेकिन एक महिला को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। यहां एनआरएस अस्पताल ने एक गर्भवती महिला को भर्ती लेने से इनकार कर दिया जिसके कारण महिला को घर में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। वही प्रसव पीड़ा अधिक होने की वजह से नवजात के जन्म होने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गयी। महिला का नाम शर्मिष्ठा दत्ता (30) है। वह बाकसाड़ा रोड की रहने वाली है। जानकारी के अनुसार महिला अपने प्रेगनेंसी के शुरुआती महीने से ही एनआरएस अस्पताल में इलाज करा रही थी। गत शुक्रवार को महिला के बच्चे को जन्म देने की तारीख थी। शनिवार की शाम को महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद उससे कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में ले जाया गया। आरोप है कि अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला को यह कह कर अस्पताल में भर्ती लेने से इंकार कर दिया कि वह हावड़ा से आई है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना था कि हावड़ा रेड जोन में है, इस कारण हावड़ा के किसी भी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती नहीं लिया जाएगा। महिला के परिजनों ने अस्पताल के सुपर व अन्य बड़े डॉक्टरों से भी बात करने की कोशिश की लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि महिला को कोरोना संक्रमित मरीजों के वार्ड में रखा जाएगा। इसके बाद अगर वह कोरोना संक्रमित होती है तो यह अस्पताल की जिम्मेदारी नहीं होगी। जिसके बाद डर से महिला के परिवार वालें उसे घर पर ही लेकर आ गये। शनिवार की रात तकरीबन 9:30 बजे प्रसव पीड़ा अधिक होने के बाद महिला ने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया लेकिन बच्चे की जन्म होने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गयी। महिला के परिजनों ने बच्चे की मौत के लिए एनआरएस अस्पताल को दोषी ठहराया है। वहीं यह खबर अस्पताल के प्रबंधकों तक पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया। अस्पताल के प्रबंधकों का कहना है कि इस मामले की सख्ती से जांच की जाएगी तथा दोषी पाए गए डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएग

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