2019 में भारतीय क्रिकेट : मैदान पर कोहली ‘राजा, तो बाहर गांगुली ‘महाराजा’

नयी दिल्ली : विराट कोहली और भारतीय क्रिकेट ने खत्म हो रहे साल में अच्छी प्रगति की जबकि सौरव गांगुली ने बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में नई पारी की शुरुआत की। भारत ने साथ ही 2019 में अंतत: दिन-रात्रि टेस्ट खेला। विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार दिल तोड़ने वाली रही जबकि महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर संशय बरकरार है जो पिछले छह महीने से क्रिकेट से दूर हैं। विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत को न्यूजीलैंड ने हराया। फाइनल में हालांकि न्यूजीलैंड को निराशा हाथ लगी जब निर्धारित ओवर और फिर सुपर ओवर के बाद भी मैच टाई रहा और मेजबान इंग्लैंड को मैच में अधिक बाउंड्री लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया।

आस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर ने 2018 में गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण के कारण एक साल का प्रतिबंध लगने के बाद नई शुरुआत की। वार्नर ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया तो स्मिथ एशेज में छाए रहे। दक्षिण अफ्रीका ने 2019 में अपने कई अच्छे खिलाड़ी गंवाए और पूरे साल उसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। टीम हालांकि साल का अंत इंग्लैंड के खिलाफ जीत से करने में सफल रही। वर्ष 2009 के आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में टेस्ट क्रिकेट की वापसी हुई जब श्रीलंका की टीम ने देश का दौरा किया। इन मैचों के लिए हालांकि काफी दर्शक नहीं पहुंचे। ग्लेन मैक्सवेल ने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए ब्रेक लिया जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मानसिक तनाव का मुद्दा उठा। इस क्रिकेटर को इस मुद्दे पर चौतरफा समर्थन मिला। भारत की बात करें तो टीम इंडिया आस्ट्रेलिया में सात दशक में पहली बार टेस्ट श्रृंखला जीतने में सफल रही लेकिन विश्व कप सेमीफाइनल में कुछ मिनटों के खराब प्रदर्शन के कारण विराट कोहली की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। मुश्किल के समय में भारतीय क्रिकेट की बागडोर संभालने के लिए पहचाने जाने वाले गांगुली सर्वसम्मति से बीसीसीआई के 39वें अध्यक्ष बने जिससे उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति के तीन साल के विवादास्पद कार्यकाल का अंत हुआ।

  गांगुली ने एक बार फिर आगे बढ़कर अगुआई करने की अपनी क्षमता दिखाई जब उन्होंने कोहली को बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद से टेस्ट खेलने के लिए राजी किया जो इसके लिए पहले तैयार नहीं थे। मैच का स्तर उतना ऊंचा नहीं था लेकिन नए बोर्ड अध्यक्ष यह दिखाने में सफल रहे कि टेस्ट क्रिकेट में कैसे दर्शकों को वापस लाया जा सकता है। गुलाबी गेंद से शतक बनाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने कप्तान कोहली का नजरिया हालांकि अलग था और उन्होंने दर्शकों को मैदान पर लाने के लिए स्थायी टेस्ट केंद्र बनाने का सुझाव दिया।

मैदान पर कोहली लगातार आगे बढ़ते रहे। वह तीनों प्रारूपों में 2455 रन बनाकर सबसे सफल बल्लेबाज रहे। उन्होंने अपने साथी रोहित शर्मा (2442) से 13 रन अधिक बनाए। रोहित ने टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज के रूप में नई पारी का आगाज किया और बेहद सफल रहे।

भारतीय गेंदबाजों ने बीते साल दबदबा बनाया जो नई शुरुआत को दर्शाता है। विश्व कप सेमीफाइनल में मार्टिन गुप्टिल के सीधे थ्रो पर रन आउट होने के बाद से धोनी ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है और उनके भविष्य को लेकर संशय बना हुआ है।

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