कूचबिहार में 7 को मोदी, 8 को ममता

-एसपीजी संग बैठक, मंच का विवाद मिटा

कोलकाता : एसपीजी संग जिला प्रशासन की बैठक के बाद कूचबिहार संसदीय सीट के लिए रासमेला मैदान में होने वाली प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सभा को लेकर शुरू विवाद शुक्रवार को आखिरकार मिट गया। बैठक के बाद फैसला हुआ कि तय तिथी के अनुसार ही 7 अप्रैल को प्रधानमंत्री की सभा होगी जिसके लिए ममता बनर्जी की सभा के लिए बन रहे मंच व डी जोन के अलावा अन्य तैयारी(बांस की छावनी) फिलहाल रोक दी जाएगी। मुख्यमंत्री की तस्वीरें व दूसरी सामग्री हटाने का कार्य प्रारम्भ हो गया है। जिला प्रशासन के फैसले के बाद मोदी की सभा पर छाये संकट के बाद भगवा शिविर ने राहत की सांस ली है।

मालूम हो कि पहले चरण में 11 अप्रैल को कूचबिहार व अलीपुरद्वार संसदीय सीटों पर मतदान होना है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार अर्थात 7 अप्रैल को कूचबिहार के रासमेला मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करने वाले हैं। लेकिन अगले ही दिन अर्थात 8 अप्रैल को उसी मैदान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी सभा होने के चलते तृणमूल ने वहां मंच आदि बांधने का काम शुरू कर दिया था। इस पर एसपीजी व भाजपा ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद ही एसपीजी ने जिला प्रशासन के समर्थ आपत्ति दर्ज कराई। एसपीजी की आपत्ति के बाद जिला प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाई। बैठक में एसपीजी, तृणमूल कांग्रेस व जिला प्रशासन की इस बात पर सहमति बनी कि मूल मंच व डी जोन के छोड़कर बाकी सारे अस्थाई निर्माण हटाने का फैसला किया है। इससे पहले बंगाल के भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को धमकी के लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री की सभा के मंच के करीब कैसे तृणमूल कांग्रेस दूसरे मंच का निर्माण कर सकती है? उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो वे मामले को दूर तक ले जाएंगे। माना जा रहा है कि इसके बाद ही जिला प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए बीच-बचाव का रास्ता अपनाया। इसके बाद ही मूल मंच व डी जोन को छोड़कर बाकी सारे अस्थाई तैयारी को तत्काल हटाने का फैसला हुआ।

बुधवार की सभा पर संशय ः इस बीच बुधवार(10 अप्रैल) को बुनियादपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा को लेकर अनिश्‍चितता के बादल छाने लगे हैं। भाजपा सूत्रों का दावा है कि दूसरे राज्यों में व्यस्त होने के चलते मोदी बुधवार की सभा में नहीं भी आ सकते हैं। हालांकि, इस बात की संभावना है कि वे 15 या 16 अप्रैल को राज्य के दौरे पर फिर से आ सकते हैं।

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