फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी पी के बनर्जी की स्थिति में सुधार

कोलकाता : तेज बुखार के बाद शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी पी के बनर्जी की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। अस्पताल के सूत्रों ने रविवार को बताया कि 83 साल के पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी एवं कोच को तेज बुखार और खांसी की शिकायत के बाद शनिवार दोपहर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे कुछ ही समय पहले उन्हें एक अस्पताल से छुट्टी मिली थी। अस्पताल की तरफ से जारी बयान में कहा गया, “विशेषज्ञों का पैनल उनका इलाज कर रहा है और न्यूरोसर्जनों की टीम इलाज की निगरानी कर रही है। उन पर इलाज का असर हो रहा है।” बनर्जी को न्यूरो संबंधी समस्याओं और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की वजह से जनवरी में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें 23 जनवरी को अस्पताल से छुट्टी मिली थी। बनर्जी पार्किंसन रोग और डिमेंशिया से पीड़ित हैं।

बनर्जी उस भारतीय फुटबॉल टीम का हिस्सा थे जिसने 1962 में जकार्ता के एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था और 1960 में रोम के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में बतौर कप्तान उन्होंने फ्रांस के खिलाफ बराबर गोल दाग कर मैच को 1-1 से ड्रॉ कराया था। उन्होंने 1956 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में, 1958 में तोक्यो के एशियाई खेलों और 1966 में बैंकॉक के एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। बार-बार चोटिल होने की वजह से उन्हें 1967 में मजबूरन संन्यास लेना पड़ा था। बनर्जी ने कोलकाता प्रतिद्वंद्वियों ईस्ट बंगाल और मोहन बगान को कोचिंग दी और मोहन बगान को एक ही सीजन में आईएफए शील्ड, रोवर्स कप और डूरंड कप में जीत दिलाने में मदद की थी। बनर्जी ने 1972 के म्यूनिख ओलंपिक के क्वालिाइंग मैचों में भारतीय टीम को कोचिंग दी थी। वह 1986 तक इस पद पर रहे। वह सबसे पहले अर्जुन पुरस्कार पाने वालों में से एक थे जब 1961 में यह पुरस्कार देना शुरू किया गया था। उन्हें 1990 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था और फीफा ने उन्हें 20वीं सदी के सर्वश्रेष्ठ भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी के तौर पर नामित किया था।

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