बंगाल में नहीं लागू होने देंगे एनआरसी : ममता

एनआरसी व नागरिक संशोधन बिल पर ममता बनर्जी व अमित शाह आमने-सामने..

-दार्जिलिंग में अमित शाह को दी सीधे चुनौती

-सवाल, 5 साल में पहाड़ के लिए क्या किया

-दावा, अगली सरकार में तृणमूल अहम होगा

कोलकाता/दार्जिलिंग ः दार्जिलिंग में पार्टी उम्मीदवार अमर सिंह राई के समर्थन में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि बंगाल में किसी भी हालत में एनआरसी लागू नहीं देंगे। ममता ने कहा कि अगर हिम्मत है तो वे बंगाल में एनआरसी लागू करके दिखाएं। मोटर स्टैंड में हजारों की संख्या में पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता ने अमित शाह के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा या मोदी ने 5 साल में पहाड़ के लोगों के लिए क्या किया? उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद यहां के सांसद कभी पहाड़ पर नहीं आए। मोदी पर कटाक्ष करते हुए ममता ने कहा कि पहले चायवाला थे। अब चौकीदार बन गए हैं। लोग कह रहे हैं कि चौकीदार चोर है। बेरोजगारों को 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था। नौकरी तो मिली नहीं उल्टे लाखों लोगों को बेरोजगार कर दिया। ममता ने दावा किया कि अगली सरकार में तृणमूल कांग्रेस की जिम्मेवारी अहम होगी, इसीलिए 42 में 42 सीटें जीतने ही होंगे। उन्होंने राज्य सरकार की रोजगार परक योजना उत्कर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रसंघ ने इसे पुरस्कृत किया है।

असम में एनआरसी लागू होने से लाखों की संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। इसका जिक्र कर ममता ने सीधे-सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यहां किसी भी हालत में ऐसा नहीं होने दूंगी। प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए ममता ने कहा कि पहले दिल्ली संभालें फिर बंगाल के बारे में सोचें। ममता ने कहा कि 5 साल में पहाड़ के लिए कुछ नहीं किया। मीडिया को भी दखल में कर लिया है। लेकिन अब लोग समझने लगे हैं। अब उनका कोई भी दोस्त नहीं है। सारे विरोधी हो गए हैं। केवल वोट के समय आकर कहते हैं कि मित्रों वोट दीजिए।  अपने नाम पर सिनेमा बनाए हैं। अपने नाम पर टीवी चैनल चलाया है। देश का संविधान संकट में है। देश की आजादी संकट में है। बंगाल में हम ही जीतेंगे। बंगाल में कभी भी एनआरसी लागू नहीं होने देंगे। वे किसी के बारे में कैसे ठीक कर सकते हैं?

ममता ने कहा कि वे जवानों की हत्या कर उनके प्रति प्रेम जता रहे हैं। किसानों की हत्या कर उनके हितैषी बन रहे हैं। ममता ने सवाल किया कि पुलवामा के बारे में क्या हुआ? उनके पास पहले से ही खबर थी। लेकिन उन्होंने जवानों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया। स्वयं को अब चौकीदार कहते हैं। लेकिन लोग कह रहे हैं कि चौकीदार चोर है। ममता ने सवाल किया कि अब पहले का चायवाला कहां गया? गुजरात के मुख्यमंत्री थे। प्रधानमंत्री बने। फिर भी दावा किया कि चायवाला हैं। विदेश से कालाधन लाकर लोगों के खाते में 15/15 लाख रुपए देने का वादा किया था। क्या हुआ? सालाना 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था। किसको नौकरी मिली? पहाड़ के लिए क्या किया? बागडोगरा में उतर कर पहाड़ में आकर भाषणबाजी कर रहे हैं। मणिपुर से आकर एक व्यक्ति वोट मांग रहा है। वह वोट में रुपए उड़ा कर चले जाएंगे। पहाड़ में विमल गुरुंग की दबंगई खत्म हो गई है। लेकिन दोनों मिलकर पहाड़ को अशांत रखना चाहते हैं। दिल्ली उनकी मदद कर रहा है। गुरुंग ने एसएस अहलुवालिया को जीताया था। लेकिन वे कभी पहाड़ पर नहीं आए। पर वे तीन माह के अंतराल पर पहाड़ पर आतीं हैं। ममता ने कहा कि हम दार्जिलिंग, कर्सियांग, कलिम्पोंग व मिरिक के साथ पूरे पहाड़ का विकास चाहते हैं। इसके लिए शर्ट टर्म, मिडिल टर्म व लांग टर्म प्लान की जरुरत है। लेकिन उनका लक्ष्य केवल बंगाल व पहाड़ को अशांत करना था। ममता ने अपील की कि पहाड़ के विकास के लिए तृणमूल उम्मीदवार अमर सिंह राई को ही वोट दें।

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