कोविड-19 : बंगाल में शुरू होगी पूल टेस्टिंग

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए पूल टेस्टिंग की सिफारिश की है। राज्य का स्वास्थ्य विभाग इस पर अमल करते हुए राज्य में पूल टेस्टिंग शुरू करने जा रहा है। इस परीक्षण के तहत एक साथ पांच लोगों के नाक और गले के स्वैब लिए जाते हैं और उनको मिक्स कर सैंपल बनाया जाता है। फिर इस सैंपल की जांच होती है, जिसमें पता लगाया जाता है कि सैंपल में कोरोना वायरस नेगेटिव या पॉजिटिव है। अगर सैंपल नेगेटिव आता है तो पांचों व्यक्तियों को संक्रमण मुक्त माना जाता है।

अगर पॉजिटिव आता है तो बारी-बारी से पांचों व्यक्ति का कोरोना टेस्ट किया जाता है। इससे किट और लैब संबंधी आने वाली समस्या दूर हो जाएगी। इसके साथ ही कोरोना टेस्ट में तेज़ी भी आएगी। स्वास्थ विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह विधि दो प्रतिशत से कम कोरोना वायरस रोगियों वाले क्षेत्र में लागू की जा रही है। प्रदेश में अभी जिन रोगियों में लक्षण नहीं दिख रहे हैं या फिर जो कोरोना वायरस के संदेहास्पद रोगी हैं, उनका एक साथ सैंपल टेस्ट किया जा सकेगा। पूल टेस्टिंग होने से संदेहास्पद रोगियों का एक साथ कई सैंपल टेस्ट किए जा सकेंगे। इसके साथ ही टेस्टिंग की लागत को भी कम किया जा सकेगा।

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