जम्मू-कश्मीर में उरी से बड़ा आत्मघाती हमला, 39 जवान शहीद

श्रीनगर. जम्मू से श्रीनगर जा रही सीआरपीएफ की 78 गाड़ियों के काफिले पर कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया। जम्मू-कश्मीर सरकार के सलाहकार के विजयकुमार ने बताया कि हमले में 39 जवान शहीद हो गए, कई घायल हैं। इस काफिले में 2547 जवान शामिल थे। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। विस्फोटकों से भरी गाड़ी के जरिए अब तक का सबसे बड़ा हमला है

.

जिस बस को निशाना बनाया, उसमें 39 जवान सवार थे
एक अधिकारी ने बताया कि काफिला सुबह 3:30 बजे जम्मू से रवाना हुआ था और इसे शाम होने से पहले श्रीनगर पहुंचना था। घाटी लौटने वाले जवानों की संख्या ज्यादा थी, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से मौसम खराब होने की वजह से हाईवे पर ज्यादा भीड़भाड़ नहीं थी और इसके कुछ प्रशासनिक कारण भी थे। आमतौर पर ऐसे काफिलों में एक बार में एक हजार जवान होते हैं। लेकिन, इस बार इनकी संख्या 2547 थी। काफिले में रोड ओपनिंग पार्टी और बख्तरबंद आतंकरोधी गाड़ियां भी शामिल थीं। जिस बस को हमले के लिए निशाना बनाया गया, वह 76वीं बटालियन की थी और इसमें 39 जवान सवार थे।

शहादत बेकार नहीं जाएगी- मोदी               

मोदी ने कहा, “पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला घृणित है। जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। पूरा देश जवानों के परिवार के साथ खड़ा है।” राहुल ने भी इस हमले पर दुख जाहिर किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह कायराना हरकत से मैं बुरी तरह व्यथित हूं।”

फिदायीन हमला ?

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने  CRPF के काफिले पर फिदायीन हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसमें एक दर्जन से अधिक जवानों के शहीद होने की खबर है और कई घायल हैं. जेईएम प्रवक्ता मुहम्मद हसन ने एक बयान में कहा कि हमले में सुरक्षाबलों के दर्जनों वाहन नष्ट कर दिए.

घाटी आधारित समाचार एजेंसियों को दिए एक टेली स्टेटमेंट में जैश ए मोहम्मद के प्रवक्ता ने बताया कि यह फिदायीन हमला था. इसको अंजाम देने वाला ड्राइवर पुलवामा के गुंडई बाग का रहने वाला है. इसका नाम आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो है. आदिल अहमद का एक फोटो भी सामने आया है. इसमें वह अपने आपको जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर बता रहा है और लिखा, ‘गिन रखा है अपने लहू का हर कतरा हमने, न बख्शे हमारे शहीद हमें, जो हमने तुमको एक-एक कतरा गिनवाया नहीं – जाहिद बिन तलहा’ इससे पहले, सीआरपीएफ के सूत्रों का कहना है कि सड़क पर एक चार पहिया वाहन में IED लगाया गया था. कार हाईवे पर खड़ी थी. जैसे ही सुरक्षाबलों का काफिला कार के पास से गुजरा, उसमें ब्लास्ट हो गया. इस दौरान काफिले पर फायरिंग की भी खबर है. इस हमले में 20 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए, जबकि 18 गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. सबसे अधिक संभावना है कि यह एक रिमोट कंट्रोल्ड व्हीकल आईईडी था.

घाटे के काले दिनों की याद दिलाता है हमला

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद ने फिदायीन हमले का दावा किया है. यह हमला 2004-05 के पहले के काले दिनों की याद दिलाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *