दिशा निर्देश के बावजूद अपनी दुकान खोलने में असमर्थ खुदरा लोहा व्यवसायी !

फोटो : बेलिलियस रोड व आस-पास के इलाकों में पसरा सन्नाटा

दिहाड़ी मजदूरों के पेट पर भी पड़ी लात

आलोक प्रसाद

हावड़ा, समाज्ञा : कोरोना की दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं ममता बनर्जी ने आखिरकार बंगाल में पाबंदियां लागू की। दिशा निर्देश के अनुसार आगामी 15 जून तक पश्‍चिम बंगाल में पाबंदियां लागु की गयी हैं। पाबंदियों के अनुसार कई चीजों पर छूट दी गयी हैं तो कई चीजों को पूरी तरह से बंद रखने को कहा गया है। राज्य में लागु पाबंदी के दौरान सुबह 7 से 10 बजे तक बाजार खुले रहेंगे। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मिठाई दुकान खुली रहेंगी, दोपहर 12 से 4 बजे तक खुदरा व्यवसाय को खोलने की अनुमति दी गयी है और पाबंदी के दूसरे चरण यानी एक जून से शाम 5 बजे से 8 बजे तक होटल-रेस्तरां को ग्राहकों के लिए खोलने की अनुमति मिली है। बाजार, मिठाई दुकान व होटल-रेस्तरां खोलने के संबंध में जारी दिशा निर्देश स्पष्ट हैं। मगर खुदरा दुकान खोलने को लेकर दुकानदार उलझन में हैं। दिशा निर्देश से यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि आखिर खुदरा दुकानों की सूची में कौन सी दुकानें शामिल हैं। ऐसे में भ्रम की स्थिति उतपन्न हो रही और इससे व्यवसायी वर्ग खासा परेशान है।
ठीक ऐसी ही स्थिति उतपन्न हुई है हावड़ा शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के नामी लोहा पट्टी बेलिलियस रोड व आस-पास के इलाकों में। बता दें कि बेलिलियस रोड, बेलिलियस लेन, अशुबोस लेन, हमीदमुन्शी लेन में अधिकांश खुदरा लोहा व्यवसायी हैं। मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा खुदरादुकानों को खोलने की अनुमति देने के बाद यहां के खुदरा लोहा व्यवसायियों ने अपनी दुकान खोली मगर कथित तौर पर पुलिस ने दुकानें बंद करा दी। व्यवसायियों द्वारा इसका कारण पूछे जाने पर बताया गया कि उक्तव्यवसाय खुदरा दुकान की श्रेणी में नहीं आता है। इसके बाद से वहां सन्नाटा पसरा हुआ है।

ट्रेड लाइसेंस में उल्लेख है खुदरा व्यवसाय फिर भी दुकान खोलने की नहीं है अनुमति

बेलिलियस रोड स्थित खुदरा लोहा व्यवसायी अजय गुप्ता ने बताया कि हावड़ा नगर निगम द्वारा जारी उनके ट्रेड लाइसेंस में खुदरा व्यवसाय का उल्लेख किया गया है। मगर बावजूद इसके उन्हें अपनी दुकान खोलने की अनुमति नहीं मिली। अजय ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश के बाद उन्होंने अपनी दुकान खोली थी, मगर स्थानीय पुलिस ने बंद करा दिया। इसका कारण पूछने पर उन्हें बताया गया कि उनकी दुकान खुदरा दुकान की सूची में शामिल नहीं है। अजय ने आगे कहा कि पाबंदियों का वे पालन करते हैं और आगे भी करेंगे, लेकिन जब मुख्यमंत्री द्वारा खुदरा दुकान खोलने की अनुमति दी गयी है तो फिर उनकी दुकान को बंद क्यूं कराया गया। उन्होंने बताया कि बेलिलियस रोड इलाके में अधिकांश खुदरा लोहा व्यवसायी हैं और इनमें से गिने चुने ही ऐसे व्यवसायी हैं जिनका प्रतिदिन लाखों का व्यापार होता है। ऐसे में परेशनी का सामना छोटे व्यवसायियों को करना पड़ रहा है।

स्पष्ट नहीं है दिशा निर्देश

खुदरा लोहा व्यवसायी रामलखन साव ने कहा कि खुदरा दुकान के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार उन्होंने अपनी दुकान खोली थी मगर पुलिस ने बंद करा दी। उन्होंने यह भी कहा कि दुकान बंद कराने के दौरान पुलिस द्वारा अगली बार गिरफ्तारी की चेतावनी भी दी गयी। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय के संबंध में स्थानीय विधायक से बात करने पर भी केवल आश्‍वासन ही मिला।
बेलिलियस रोड स्थित खुदरा लोहा व्यवसायी अजय गुप्ता ने बताया कि हावड़ा नगर निगम द्वारा जारी उनके ट्रेड लाइसेंस में खुदरा व्यवसाय का उल्लेख किया गया है। मगर बावजूद इसके उन्हें अपनी दुकान खोलने की अनुमति नहीं मिली। अजय ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश के बाद उन्होंने अपनी दुकान खोली थी, मगर स्थानीय पुलिस ने बंद करा दिया। इसका कारण पूछने पर उन्हें बताया गया कि उनकी दुकान खुदरा दुकान की सूची में शामिल नहीं है। अजय ने आगे कहा कि पाबंदियों का वे पालन करते हैं और आगे भी करेंगे, लेकिन जब मुख्यमंत्री द्वारा खुदरा दुकान खोलने की अनुमति दी गयी है तो फिर उनकी दुकान को बंद क्यूं कराया गया। उन्होंने बताया कि बेलिलियस रोड इलाके में अधिकांश खुदरा लोहा व्यवसायी हैं और इनमें से गिने चुने ही ऐसे व्यवसायी हैं जिनका प्रतिदिन लाखों का व्यापार होता है। ऐसे में परेशनी का सामना छोटे व्यवसायियों को करना पड़ रहा है। लोहा व्यवसायी भोला जायसवाल ने भी कहा कि दुकान खोलने पर उसे बंद करा दिया गया और कहा गया कि उनकी दुकान बेलिलियस रोड स्थित खुदरा लोहा व्यवसायी अजय गुप्ता ने बताया कि हावड़ा नगर निगम द्वारा जारी उनके ट्रेड लाइसेंस में खुदरा व्यवसाय का उल्लेख किया गया है। मगर बावजूद इसके उन्हें अपनी दुकान खोलने की अनुमति नहीं मिली। अजय ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश के बाद उन्होंने अपनी दुकान खोली थी, मगर स्थानीय पुलिस ने बंद करा दिया। इसका कारण पूछने पर उन्हें बताया गया कि उनकी दुकान खुदरा दुकान की सूची में शामिल नहीं है। अजय ने आगे कहा कि पाबंदियों का वे पालन करते हैं और आगे भी करेंगे, लेकिन जब मुख्यमंत्री द्वारा खुदरा दुकान खोलने की अनुमति दी गयी है तो फिर उनकी दुकान को बंद क्यूं कराया गया। उन्होंने बताया कि बेलिलियस रोड इलाके में अधिकांश खुदरा लोहा व्यवसायी हैं और इनमें से गिने चुने ही ऐसे व्यवसायी हैं जिनका प्रतिदिन लाखों का व्यापार होता है। ऐसे में परेशनी का सामना छोटे व्यवसायियों को करना पड़ रहा है। व्यवसाय की सूची में नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जारी दिशा निर्देश में यह स्पष्ट करना चाहिए था कि कौन सी दुकानें बेलिलियस रोड स्थित खुदरा लोहा व्यवसायी अजय गुप्ता ने बताया कि हावड़ा नगर निगम द्वारा जारी उनके ट्रेड लाइसेंस में खुदरा व्यवसाय का उल्लेख किया गया है। मगर बावजूद इसके उन्हें अपनी दुकान खोलने की अनुमति नहीं मिली। अजय ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश के बाद उन्होंने अपनी दुकान खोली थी, मगर स्थानीय पुलिस ने बंद करा दिया। इसका कारण पूछने पर उन्हें बताया गया कि उनकी दुकान खुदरा दुकान की सूची में शामिल नहीं है। अजय ने आगे कहा कि पाबंदियों का वे पालन करते हैं और आगे भी करेंगे, लेकिन जब मुख्यमंत्री द्वारा खुदरा दुकान खोलने की अनुमति दी गयी है तो फिर उनकी दुकान को बंद क्यूं कराया गया। उन्होंने बताया कि बेलिलियस रोड इलाके में अधिकांश खुदरा लोहा व्यवसायी हैं और इनमें से गिने चुने ही ऐसे व्यवसायी हैं जिनका प्रतिदिन लाखों का व्यापार होता है। ऐसे में परेशनी का सामना छोटे व्यवसायियों को करना पड़ रहा है। व्यवसाय की सूची में शामिल हैं और कौन नहीं। आधे-अधूरे निर्देश से छोटे व्यवसायियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

खुदरा लोहा व्यवसायी रामानंद जायसवाल ने कहा कि सरकार को दिशा निर्देश के साथ इसकी परिभाषा भी स्पष्ट करनी चाहिए थी। खुदराव्यवसाय होने के बावजूद उनकी दुकान बंद करा दी गयी। उन्होंने कहा कि बेलिलियस रोड इलाके में अधिकांश खुदरा व्यवसायी ही हैं मगर इसके बावजूद उन्हें दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्हें यही बताया जाता है कि अभी उनके पास लोहा दुकान खोलने संबंधी दिशा निर्देश नहीं मिला है। उन्होंने आगे बताया कि छोटे व्यापारी होने के नाते उन्हें इस परिस्थिति से गुजरने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यावसाय ठप पड़ा है मगर कर्मचारियों को वेतन देना पड़ रहा है और दूसरी ओर कर्जदाता अलग परेशान कर रहे हैं।

दिहाड़ी मजदूरों के पेट पर पड़ी लात

बेलिलियस रोड व आस-पास का इलाका लोहा व्यवसाय के लिए जाना जाता है और यहा अधिकांश खुदरा लोहा व्यवसायी है। आम तौर पर यहां लोहा का कारोबार जमा रहता है। सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक दुकानें खुली रहती हैं और ग्राहकों का आना-जाना लगा रहता है। आम तौर पर रोजाना हजारों की संख्या में ग्राहक आते हैं मगर राज्य में लागू पाबंदियों के कारण इलाका सुनसान पड़ा है और ग्राहकों की चहलकदमी भी नदारद है। व्यवसाय चलते रहने से यहां दिहाड़ी मजदुर , मोटर वैन चालक, ठेला चालकों का भी रोजगार होता था। सामान खरीदने के बाद उसकी ढुलाई के लिए इन सभी वर्ग के लोगों की जरूरत पड़ती है। मगर अब न तो सामान की खरीदारी हो रही है और न ही ढुलाई, ऐसे में मजदूरों के पेट पर भी लात पड़ा है।

पुलिस से नहीं हुआ संपर्क
व्यवसायियों द्वारा मामले की जानकारी मिलने पर समाज्ञा ने डीसी साउथ (हावड़ा पुलिस) से संपर्क कर विषय के संबंध में जानने की कोशिश की मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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